जिले में विकास पर खर्च होंगे 146 करोड़
-जिला योजना की बैठक में हुआ अनुमोदन
- प्रभारी मंत्री एसपी सिंह बघेल रहे मौजूद
बागपत। पशुधन, लघु सिंचाई एवं मत्स्य एवं जिले के प्रभारी मंत्री एसपी सिंह बघेल की मौजूदगी में जिले में विकास कार्यों के लिए 146.66 करोड़ के बजट का अनुमोदन किया गया। ग्रामीण पेयजल के लिए 31.26 करोड़ रुपये और समाज कल्याण के लिए 20.35 करोड़ रुपये के बजट का अनुमोदन हुआ है। विकास भवन सभागार में जिला योजना समिति की बैठक हुई। कृषि, उद्यान, गन्ना, लघु एवं सीमांत कृषकों की सहायता समेत विभिन्न विभाग के लिए 146.66 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बागपत डार्क जोन में है। तालाबों का जीर्णोंद्धार करने के बाद ही इस समस्या से निजात मिल सकती है। तालाबों से अवैध कब्जे हटवाए जाएंगे।
अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य गुणवत्तापूर्ण होने चाहिए। यह भी कहा कि किसानों को जितनी जरूरत हो, उसके हिसाब से ही बिजली का कनेक्शन दिया जाए। इसी के हिसाब से बिल वसूला जाएगा। विकास कार्य में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो निर्माण कार्य चल रहे हैं, उन्हे शीघ्र पूर्ण कर लिया जाए। डीएम भवानी सिंह खंगारौत, बागपत विधायक योगेश धामा, बड़ौत विधायक कृृष्णपाल मलिक, छपरौली के रालोद विधायक सहेंद्र सिंह रमाला, जिला पंचायत अध्यक्ष रेणू धामा, सीएमओ डॉ सुषमा चंभद्रा, पीडी एमएल पटेल, एएसपी अजय कुमार सिंह, बीएसए योगराज सिंह, डीसीओ सुशील कुमार, डीआईओएस पीके मिश्रा, डीएसओ चमन शर्मा, जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र चौधरी, पुष्पेंद्र कुमार, लेखराज प्रधान मौजूद रहे।
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इनसेट
किस विभाग का कितना बजट?
विभाग बजट (लाख रुपये)
कृषि विभाग 30.00
गन्ना विभाग 900.08
पशुपालन 176.78
वन विभाग 80.83
पंचायती राज 729.68
निजी लघु सिंचाई 560.00
राजकीय नलकूप 149.00
सड़क एवं पुल 700.00
प्राथमिक शिक्षा 685.52
एलौपैथिक 1672
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इनसेट
खिलाड़ियों का जिला, खेल का बजट नहीं
जिले के खिलाड़ियों ने भले ही कबड्डी, कुश्ती, तीरंदाजी, निशानेबाजी और क्रिकेट समेत अन्य खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूम मचा रखी हो। लेकिन जिला योजना में खेलों के लिए बजट का प्रावधान नहीं किया गया है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। वर्ष 2013-14 में बजट नहीं मिल रहा है। पहले कई साल तक अनुमोदन किया गया। लेकिन शासन ने बजट नहीं दिया। लेकिन पिछली दो योजनाओं में खेलकूद के लिए बजट का अनुमोदन ही नहीं हो हुआ है।
इन विभागों के लिए शून्य रहा अनुमोदन
लघु एवं सीमांत कृषकों की सहायता के लिए नि:शुल्क बोरिंग, उद्यान विभाग, मत्स्य विभाग, सहकारिता, सामुदायिक विकास, ग्रामीण आवास योजना, सेवा योजना और खेलकूद के लिए किसी तरह के बजट का अनुमोदन नहीं किया गया।