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बड़ौत के लोगों के लिए जी का जंजाल बनी ई-रिक्शा

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बड़ौत (बागपत)।
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नगरीय क्षेत्र में ई-रिक्शा ने सड़कों पर लोगों का चलना मुश्किल कर दिया है। जिधर देखो उधर ही ई-रिक्शा सड़क पर लाइन लगाकर चल रही है। इससे लोग परेशान हो गए हैं। नगर पालिका में मात्र 273 ई-रिक्शा का पंजीकरण है, जबकि नगरीय क्षेत्र में पांच हजार से अधिक ई-रिक्शा सड़क पर दौड़ रही हैं। इसे लेकर पालिका अधिकारी गंभीर है। पालिका के ईओ ने कहा पंजीकरण ई रिक्शा ही शहर में चलने दी जाएगी।
वर्तमान समय में नगरवासियों के लिए ई-रिक्शा जी का जंजाल बनती जा रही है। नगर की तमाम सड़कों पर ई रिक्शा चालकों ने कब्जा किया हुआ है। जिधर देखो, उधर ही ई रिक्शा दौड़ती दिखाई देती है। ई रिक्शा चालकों का ध्यान यातायात नियम की ओर भी नहीं है। जरा सी जगह मिलते ही चालक ई रिक्शा को घुसा देता है। ई रिक्शा के कारण शहर में जाम की समस्या बनी रहती है। जब लोग ई रिक्शा चालकों को टोकते हैं तो वे संबंधित व्यक्ति से लड़ने को भी तैयार हो जाते हैं। वित्तीय वर्ष 2018-19 में बड़ौत पालिका में 273 ई-रिक्शा के मालिकों ने पंजीकरण कराए । तब इसकी पंजीकरण फीस 500 रुपये थी। वर्तमान समय में बड़ौत पालिका क्षेत्र में पांच हजार से अधिक ई रिक्शा दौड़ रही हैं, लेकिन कोई भी ई रिक्शा मालिक पालिका में अपना पंजीकरण नहीं करा रहा है, जबकि पालिका ने पंजीकरण शुल्क भी बढ़कर एक हजार रुपये कर दिया है। इससे नगर पालिका को राजस्व का नुकसान हो रहा है। ई रिक्शा से आए दिन लगने वाले जाम की समस्या को भी पालिका के अधिकारी मूकदर्शक बने हैं।
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अधिकांश ई रिक्शा के 12 से 16 वर्ष की उम्र के चालक
बड़ौत। यदि शहरी क्षेत्र में चलने वाली ई-रिक्शा के चालकों पर नजर डाली जाए तो अधिकांश ई-रिक्शा चालक 12 से 16 साल की उम्र के ही दिखाई देते हैं। इनमें से अधिकांश चालकों को यातायात नियम की भी जानकारी भी नहीं है। दिल्ली बस स्टैंड पर ई रिक्शा का जमावड़ा होने के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनी हुई है। यदि कोई दुर्घटना हो जाए और ई-रिक्शा चालक भाग जाए तो उसका पता भी नहीं लग सकेगा। पुलिस कर्मियों के सामने ही किशोर ई रिक्शा चलाते हैं, लेकिन पुलिस कर्मी मूकदर्शक बने रहते हैं।
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बिना पंजीकरण वाली ई-रिक्शा होगी सीज - ईओ
बड़ौत। नगर पालिका के ईओ डॉ. शभुनाथ प्रसाद ने बिना पंजीकरण ही शहरी क्षेत्र में ई रिक्शा संचालन के मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि यदि पांच हजार ई-रिक्शा नगरी क्षेत्र में चल रही है तो और मात्र 273 का पंजीकरण है। यदि तमाम ई रिक्शा का पंजीकरण कराया जाए तो सालाना के हिसाब से बहुत अधिक बैठता है। अधिकांश ई रिक्शा चालकों पर कागजात भी नहीं है। उन्होंने कहा यदि ई रिक्शा चालक पर कागजात नहीं मिले तो उन्हें सीज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पालिका कर्मियों की टीम बनाकर शहर क्षेत्र में ई रिक्शा पंजीकरण का अभियान चलाया जाएगा।
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