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बागपत कंट्रोल एरिया घोषित, हिसार भेजे गए 30 घोड़ों के नमूने

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बागपत। ग्लैंडर्स फारसी रोग से पीड़ित घोड़े मिलने से पशु चिकित्सा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। तभी से अश्व प्रजाति के जानवरों के रक्त के नमूने लिए जा रहे हैं। बागपत को कंट्रोल एरिया घोषित किया जा चुका है। बृहस्पतिवार को टीम ने 29 के खून के नमूने लेकर जांच के लिए हिसार अश्व अनुसंधान केंद्र भेजे हैं। वहीं एक घोड़े को ग्लैंडर्स की पुष्टि हो गई, जिसको दोबारा से जांच के लिए भेजा है। अब घोड़ा या खच्चर मालिक के खून के नमूने लेकर जांच को भेजे जाएंगे।
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जिले में धीरे-धीरे ग्लैंडर्स फारसी रोग पैर पसारता जा रहा है। पिछले दिनों दो घोड़ों में इस रोग की सकारात्मक रिपोर्ट आने से उन्हें मौत का इंजेक्शन दिया। अन्य घोड़ों रक्त के नमूने भेजे, इसमें दो में पुष्टि हुई, लेकिन वह संदिग्ध लग रहे थे तो उनकी दोबारा से जांच के लिए भेजा। पशु चिकित्सा विभाग की ओर से अश्व प्रजापति के पशुओं के रक्त के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को पशु चिकित्सा विभाग 29 घोड़े और खच्चर के रक्त के नमूने लिए गए। इसे जांच के लिए हरियाणा राज्य के हिसार जनपद में स्थित अश्व अनुसंधान केंद्र नमूने भेजे । वहीं एक नमूने संदिग्ध था, इसे दोबारा से जांच के लिए भेजा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि ग्लैंडर्स की जांच के लिए 30 घोड़े के नमूने को जांच के लिए भेजा है। जैसी भी रिपोर्ट प्रयोगशाला से आएगी उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

मानव जीवन के लिए भी खतरा है ग्लैंडर्स का वायरस
सीवीओ डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि ग्लैंडर्स का वायरस मानव जीवन के लिए भी खतरा है। इससे चपेट में आने से व्यक्ति की मौत निश्चित है। इस लिए जिस जगह ग्लैंडर्स से पीड़ित अश्व को रखा जाता है, उससे कुछ समय के लिए दूरी बना ली जाए तो बेहतर होगा। यह वायरस गर्मी के मौसम में सक्रिय हो जाता है। जिसकी अश्व प्रजाति के पशु जल्दी चपेट में आते है।
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