अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। अमर उजाला फाउंडेशन एवं बाल चित्र समिति ने सरदार पटेल इंटर कॉलेज बली मेवला और शहीद मनवीर नेशनल स्कूल बली में बाल फिल्म महोत्सव का आयोजन किया। इस दौरान बच्चों को जागरूक किया । साथ ही भागो भूत और करामाती कोट फिल्म के जरिये बच्चों को जागरूक किया।
सोमवार को सरदार पटेल इंटर कॉलेज में फिल्म महोत्सव का शुभारंभ प्रधानाचार्य नवाब सिंह ने फीता काटकर किया। प्रधानाचार्य ने कहा कि इस तरह की बाल फिल्म बच्चों को प्रेरणा देती हैं। बाल फिल्म ‘भागो भूत’ के जरिये बच्चों को दिखाया गया कि जीवन में आने वाली मुसीबतों का डटकर मुकाबला करना चाहिए। बच्चों ने डर का डटकर मुकाबला किया। इसमें संजीव शर्मा, सुभाष पारचा, देवेंद्र कुमार, वेदप्रकाश, श्यामवीर, संजय कुमार, मोहित, पवन शर्मा, ब्रह्म पाल, अनुज शर्मा, मुकेश पारचा, वीना, राधा, अनीता, अन्नु, बाकेश्वर, प्रमोद आदि का सहयोग रहा।
बच्चों को फिल्म में दिखाया लालच से दूर रहें
अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। बाल फिल्म महोत्सव के अंतर्गत शहीद मनवीर नेशनल स्कूल बली में करामाती कोट फिल्म दिखाई । इसका उद्घाटन स्कूल के संस्थापक पुरुषोत्तम ने फीता काटकर किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन जरूरी हैं। बच्चों का बौद्धिक विकास होता है। विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने फिल्म को देखा। फिल्म से बच्चों ने सीखा कि मुसीबत में अपने मित्रों का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए। कभी भी लालच के वशीभूत नही होना चाहिए। फिल्म में दिखाया गया कि बच्चे को मारपीट कर घर से निकाल दिया जाता है। जब बच्चा ठंड से सिकुड़ता है तो एक वृद्ध उसे एक करामाती कोट देता है। कोट से एक बार में एक रुपये का सिक्का निकलता है, इससे बच्चा अपने सभी शोक पूरे करता है, लेकिन कुछ लालची लोग उसके करामाती कोट को चुराकर अपने लालच को पूरा करने का प्रयास करते हैं, लेकिन असफल रहते हैं। बाद में बच्चा इस कोट को समुद्र में फेंक देता है। प्रधानाचार्या केके अजिता, श्रुति शर्मा, रश्मि देवी, सुंदर लाल मौजूद रहे।
बच्चों ने क्या कहा
फिल्म से अंधविश्वास से दूर रहने की सीख मिली। यह बेहद प्रेरक फिल्म थी।
नैना, छात्रा
सब बच्चों के साथ फिल्म देखकर अच्छा लगा। भूत प्रेत से जो डर था वह भी नहीं रहा।
मधु, छात्रा
फिल्म में कुश्ती देखकर मजा आया। यह बेहद अच्छा अनुभव रहा।
रितिका, छात्रा
फिल्म रोचक, मनोरंजक और जानकारी देने वाली थी। बेहद अच्छा लगा।
शुभम, छात्र
फिल्म से प्रेरणा मिली कि अंधविश्वास से दूर रहना चाहिए। शिक्षा हासिल करनी चाहिए।
वर्षा छात्रा।
लालच से दूर रहने की प्रेरणा मिली। सत्य पथ पर चलने की प्रेरणा मिली।
प्रिया, छात्रा
कारामाती कोट में देखने को मिला कि लालच बुरी बला होता है।
चित्रा, छात्रा।
बाल फिल्म में दिखाया गया कि लालच से दूर रहना चाहिए और शिक्षा हासिल करनी चाहिए।
ईतिका, छात्रा।
फिल्म से बच्चों का मनोरंजन भी हुआ और यह ज्ञान वर्धक भी रही।
उज्ज्वल, छात्र।
फिल्म से जानकारी मिली और यह प्रेरणा मिली कि लालच से दूर रहना चाहिए।
निशांत, छात्र।
करामाती कोट से बच्चों को लालच से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है।
विनय शर्मा