बड़ौत (बागपत)। ब्लाक मुख्यालय में आयोजित पंडित दीन दयाल उपाध्याय राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संवाद कार्यक्रम अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया। कार्यक्रम में बैठने व खाने-पाने की व्यवस्था न होने से आक्रोशित महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। महिलाओं ने कार्यालय पर तालाबंदी करते हुए कर्मचारियों को बंधक बना लिया और ब्लाक कार्यक्रम अधिकारी का घेराव कर एडीओ पंचायत की गाड़ी रोककर बड़ौत-बावली मार्ग पर जाम लगा दिया। बाद में किसी तरह बीडीओ व एडीओ आईएसबी ने उन्हें किसी तरह शांत किया।
शासन के निर्देश पर ब्लाक मुख्यालय पर बृहस्पतिवार को पंडित दीन दयाल उपाध्याय राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। बीडीओ प्रेमचंद व एडीओ आईएसबी जयपाल सिंह ने महिलाओें को स्वयं रोजगार समूह के बारे में बताते हुए शासन से संचालित योजनाओं की जानकारी दी। जैसे ही संवाद कार्यक्रम समाप्त हुआ तो खानपान व पेयजल व्यवस्था न होने पर महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। महिलाओं का आरोप था कि ब्लाक कार्यक्रम अधिकारी राजो रानी को खाने की व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और उनके खाते में रुपये भेजे गए थे, लेकिन न तो संवाद कार्यक्रम मेेें सही ढंग से बैठने की व्यवस्था थी और न ही खाने-पीने की। जबकि संवाद कार्यक्रम में आई महिलाओं को 200 रुपये आने-जाने के रूप में किराए व खाने की व्यवस्था की जानी थी। आरोप लगाया कि इस व्यवस्था मेें गबन किया।
आक्रोशित महिलाओं ने ब्लाक कार्यालय पर तालाबंदी कर ब्लाक कार्यक्रम अधिकारी बिनौली राजो रानी का घेराव किया और कार्यालय से बाहर जा रहे एडीओ पंचायत की गाड़ी को रोक दिया। जब उन्हें उचित आश्वासन नहीं मिला तो उन्होंने बड़ौत-बावली मार्ग अवरुद्ध कर दिया। हालांकि बाद में बीडीओ प्रेमचंद व एडीओ आईएसबी जयपाल सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया कि जिन महिलाओें को खाना व आने-जाने का किराया नहीं मिला है, उनके खातों में भिजवा दिया जाएगा, तब जाकर महिलाएं शांत हुई।
बीडीओ प्रेमचंद व एडीओ आईएसबी जयपाल सिंह ने कहा ब्लाक कार्यक्रम अधिकारी राजो रानी के खाते मेें रुपये डलवाए गए थे। उन्होंने जिस ठेकेदार को खाने का ठेका दे रखा था, उसने पैकिंग के दौरान किसी डिब्बे में एक पूरी व किसी डिब्बे में दो पूरी भिजवाई थी। इसलिए ठेकेदार का खाना वापस भिजवाया गया था। हंगामा करने वालों में राजकली, भंवर कली, सुदेश, आरती, सुनीता, पिंकी, सुभाष बाला, नेहा, संगीता, उर्मिला शामिल रहे।