छपरौली/दोघट (बागपत)। आवारा पशुओं के आतंक से ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है। किसान को आवारा पशुओं के कारण भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसके चलते किसानों का धैर्य जवाब दे रहा है। आवारा पशु उनकी खेती को बर्बाद कर रहे हैं। खेतों में दिन रात पहरा देने के बाद भी इन पशुओं के आतंक से छुटकारा नहीं मिल रहा है। छपरौली, दोघट समेत जिलेभर मेें आवारा पशु फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
गांव दोघट, भगवानपुर नांगल, बेगमाबाद गढ़ी, निरपुड़ा, दाहा, टीकरी, पुसार, बामनौली, भड़ल, धनौरा के अलावा छपरौली, रठौड़ा, लूंब, रमाला, किरठल, ककड़ीपुर समेत अन्य गांवों के जंगल में आवारा पशु घूम रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि आवारा पशु उनकी सरसों, गेहूं और सब्जी की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। आवारा पशुओं की भारी तादाद है, जो दिन रात उनके खेतों में घुस रहे हैं और कड़े पहरे के बाद भी खेती बर्बाद कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि महंगे खाद, बीज से उन्होंने हजारों रुपये खर्च कर खेतों फसलों की बुवाई की, लेकिन क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में घूम रहे आवारा पशुओं का झुंड सैकड़ों किसानों की खेती बर्बाद कर रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसान महेंद्र, बिल्लू, हरपाल, देवेंद्र, हरबीर, बिट्टू, विजयपाल, रविंद्र, राममेहर, नरेश आदि ने डीएम से हस्तक्षेप कर ग्रामीण क्षेत्रों में घूम रहे आवारा पशुओं से आम जन को निजात दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा गोवंश को भी संरक्षण की जरूरत है, इन्हें गोशाला इत्यादि में पहुंचाने की व्यवस्था की जानी चाहिए।