बागपत। जिले में बन रहे गोवंश आश्रय स्थलों पर गोवंशीय पशुओं के लिए शासन ने एक करोड़ का बजट जारी किया है। समितियों का गठन किया जा चुका है, जिसके माध्यम से चारे की व्यवस्था होगी। प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
आवारा गोवंशीय पशुओं को आसरा देने के लिए सरकार के निर्देश पर जिले में गोवंश आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं। जिले में मीतली और बदरखा गोवंश आश्रय स्थल का शुभारंभ हो चुका है। नगर पंचायत टीकरी में कान्हा स्थल प्रगति पर है। अमीनगर सराय और छपरौली में कान्हा योजना से गोशाला बनाने का प्रस्ताव भेजा हुआ है। शासन से बेसहारा गोवंशीय पशुओं के चारे की व्यवस्था के लिए एक करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। बजट का आवंटन समितियों के आधार पर किया जाएगा। दो माह में जिला स्तर की समिति के माध्यम से एक बार बजट मिलेगा। उसके बाद तहसील स्तर की समिति माह में एक बार ब्लॉक स्तर को बजट भेजेगी, जिसके बाद ब्लॉक स्तर की समिति ग्राम पंचायत स्तर पर बनी समिति को बजट देगी, जिससे पशुओं को समय से चारा दिया जाएगा। जिला स्तर डीएम, एडीएम व सीवीओ व पंचायत स्तर पर प्रधान व पंचायत अधिकारी की अध्यक्षता में यह समिति बनाई गई है। इतना ही नहीं पशुओं की ठीक तरह से देखभाल करने के लिए गांव के गणमान्य लोगों की समिति बनाकर जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और प्रतिदिन पशुओं की रजिस्टर में एंट्री की जाएगी। साथ तीन दिन में एक बार समिति को गोशाला का भी निरीक्षण करना होगा। सबसे पहले जनपद स्तर, उसके बाद तहसील, फिर ब्लॉक और बाद में ग्राम पंचायत स्तर पर खाता खोला गया है। प्रमुख सचिव डा. सुधीर एम बोबडे ने डीएम को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है।
समितियों का कराया जा रहा गठन
सीडीओ पीसी जायसवाल ने बताया कि गोवंशीय पशुओं के चारे की व्यवस्था के लिए समितियों का गठन कराया जा रहा है। कई जगह समिति बन चुकी है। शासन से एक करोड़ रुपये चारे के लिए प्रशासन को मिल गए हैं। जहां भी गोवंश आश्रय स्थल का निर्माण पूरा हो जाएगा, उसे समिति के माध्यम से बजट आवंटित कर दिया जाएगा।
ये विभाग करेंगे पशुओं का सत्यापन
बागपत। गौशाला में पशुओं का सत्यापन करने के लिए पंचायत राज विभाग, राजस्व, ग्रामीण, पशु पालन, पुलिस की जिम्मेदारी रहेगी। साथ ही फोटो व वीडियोग्राफी के भी निर्देश दिए है।
प्राइवेट गोशालाओं को नहीं मिलेगा लाभ
बागपत। प्राइवेट स्तर पर चल रही गोशालाओं को शासन से जारी हुए एक करोड़ के बजट से चारे की व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। सरकारी गोवंश आश्रय स्थल के लिए बजट से गोवंशीय पशुओं का भरण-पोषण किया जाएगा। जिले में प्राइवेट स्तर से 19 गोशालाएं संचालित है।
पालतू दुधारू गोवंशीय पशु को छोड़ा तो लगेगा जुर्माना
बागपत। शहरों में दुधारू गोवंशीय पशुओं को छोड़ने पर प्रशासन की ओर से अब कार्रवाई की जाएगी। जिसने भी गोवंशीय पशुओं को खुले में छोड़ा तो उसे नगर पालिका या नगर पंचायत के कर्मचारियों से पकड़वाकर कांजी हाउस में छुड़वाया जाएगा। सीडीओ पीसी जायसवाल ने बताया कि जुर्माना वसूल करने के बाद पशुपालक को दिया जाएगा। ईओ बागपत ललित कुमार आर्य ने कहा ऐसे पालतू गोवंशीय पशुओं को चिह्नित कराकर कार्रवाई की जाएगी।