80 हजार से ज्यादा किसानों को मिलेगा तोहफा
बागपत। बजट में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा की है। योजना परवान चढ़ी तो पहले ही चरण में जिले के करीब 80 हजार किसानों को लाभ हो सकता है। जिले में अधिकतर किसान लघु और सीमांत हैं। देखने वाली बात यह होगी पात्रता में किन शर्तों को अनिवार्य किया जाता है।
दो हेक्टेयर तक भूमि रखने वाले किसानों के खाते में छह हजार रुपये सालाना भेजे जाएंगे। पहली किश्त के दो हजार रुपये लोकसभा चुनाव से पहले किसानों को भेजे जाने की उम्मीद बंध गई है। किसानों के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या एक लाख 16 हजार 180 है। इन किसानों में करीब 80 फीसदी लघु और सीमांत है, जिनका सीधे तौर पर योजना का लाभ मिलेगा। उप कृषि निदेशक प्रशांत कुमार का कहना है कि पंजीकृत किसानों में से अस्सी फीसदी किसान लघु और सीमांत के दायरे में पहले से ही है। लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि योजना के नियम क्या होंगे।
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किसान बनने के लिए बढ़ेगी मारामारी
बागपत। योजना का लाभ लेने के लिए तहसीलों में मारामारी बढ़ सकती है। असल में पैतृक जमीन मुश्तर के खातों पर रहती है। अधिकतर किसान अलग-अलग जोत नहीं दिखाते। लेकिन योजना का लाभ लेने के लिए अब जमीन के खातों को खसरा और खतौनी में अलग-अलग दिखाने के लिए भी मारामारी मचने की संभावना है। एक ही घर में कई-कई किसानों के नाम जमीन हो सकती है।
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कब तक के पंजीकृत किसान लिए जाएंगे
बागपत। जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूर्य प्रताप का कहना है कि बजट में जो प्रावधान किया गया है, उसकी क्या शर्तें होगी यह तो सरकार ही तय करेगी। इसमें जमीन को ही पात्रता माना जाएगा या किसान के पंजीकरण की कोई तिथि ली जाएगी, यह भी देखने वाली बात होगी। जब तक योजना का प्रारूप नहीं आ जाता। पात्रता के विषय में कुछ नहीं कहा जा सकता।