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विद्युत निगम के जिला अस्पताल पर एक करोड़ बकाया

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बागपत। विद्युत निगम के सरकारी महकमे भी कर्जदार हैं। इसमें सबसे टॉप है जिला अस्पताल है। पुलिस और शिक्षा विभाग भी इसकी सूची में शामिल है। अन्य दफ्तरों का भी लाखों का बकाया चल रहा है। लगातार विभागाध्यक्षों को बिल जमा करने के लिए विद्युत निगम पत्र लिख रहा है।
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विद्युत निगम 10, 20, 30, 40, 50 और एक लाख से ऊपर वाले बकायादारों पर मुकदमे दर्ज कर उनके कनेक्शन काटने की कार्रवाई कर रहा है। इससे किसान भी परेशान हैं। विद्युत निगम के अफसर सरकारी महकमों पर मेहरबान हैं। जिला अस्पताल पर एक करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। अधिशासी अभियंता राजीव कुमार आर्य ने बताया कि जिला अस्पताल पर 2017 और 2018 वर्ष का एक करोड़ रुपये से अधिक का बकाया चल रहा है। बिल जमा करने के लिए कई बार सीएमएस को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें इसके लिए बजट शासन से नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन पर भी करीब 60 लाख और शिक्षा विभाग पर 55 लाख रुपये के करीब बकाया है। अन्य विभागों पर किसी पर एक, किसी पांच इसी प्रकार का बकाया चल रहा है। उन्होंने बताया कि सभी विभागों के अधिकारियों को पत्र लिखकर सभी बकाया जमा करने का अनुरोध किया, ताकि विभाग राजस्व वसूली लक्ष्य को पूरा कर सके।

सीएचसी सेंटर संचालकों को दिया प्रशिक्षण
बागपत। विद्युत निगम ने विकास भवन सभागार में सीएससी सेंटर संचालकों की कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें विद्युत द्वारा चलाई जा रही सरचार्ज समाधान योजना के बारे में जानकारी दी। बताया गया कि उपभोक्ता का बिल किस प्रकार से रिवीजन किया जा सकता है। शिकायत पोर्टल पर के बार में जानकारी दी। संचालकों द्वारा उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक सीएससी पोर्टल के माध्यम से बिल जमा कराने के लिए बताया। जिला प्रबंधक रोहित कुमार ने सीएससी पोर्टल पर चल रही भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी।
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बिना बिजली चले भेजे जा रहे बिल
बागपत। मंगलवार को चौहल्दा गांव के लोग एसडीएम दफ्तर पहुंचे। यहां उन्होंने शिकायती पत्र सौंपा। बताया कि योजना के तहत विद्युत कनेक्शन लिए थे, लेकिन आज तक उसमें विद्युत चालू नहीं की गई है। विद्युत बिल भेजे हैं। जबकि बिजली का इस्तेमाल नहीं किया। बिना बिजली के इस्तेमाल होने पर बिल मिलने पर परिवार के लोग परेशान है। महमूद और मोहम्मद मकसूद ने एसडीएम से इसकी जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।
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