बड़ौत (बागपत)।
अलग प्रदेश बनवाने की मांग को लेकर सोमवार को जनपद से हजारों लोग दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित धरने-प्रदर्शन में पहुंचे और एक सुर में पश्चिमांचल को अलग राज्य बनाने के लिए आवाज बुलंद की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो लोग सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इससे पूर्व नगर में भाकियू नेता और जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह प्रधान की अध्यक्षता और बिजेंद्र के संचालन में पंचायत हुई। इसमें जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह प्रधान ने कहा कि उप्र 240928 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी जनसंख्या 24 करोड़ से अधिक हो चुकी है। 75 जिले, 822 ब्लाक और 58000 ग्राम पंचायत और एक लाख से ज्यादा गांव है। जिस कारण आज भी बहुत से गांव में विकास की दरकार है। जनसंख्या अधिक होने के कारण युवाओं को रोजगार, किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य व महिलाओं सहित व्यापारियों को सहीं ढंग से सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। इसके अलावा पश्चिमी उप्र से इलाहाबाद कोर्ट की दूरी 850 किमी दूर है। प्रदेश की राजधानी पश्चिमांचल से 700 किमी दूरी पर है। हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर की राजधानी पास है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक, सामाजिक, न्याय व्यवस्था, सांस्कृतिक व अराजनैतिक के लिए पश्चिमाचंल को अलग राज्य बनाने की आवश्यकता है। इसके बाद सैकड़ों लोग राजेंद्र प्रधान के नेतृत्व में दिल्ली रवाना हो गए और दिल्ली में जंतर-मंतर में हुए धरने-प्रदर्शन में सभी ने एक सुर में पश्चिमांचल को अलग राज्य बनाने के लिए आवाज बुलंद की। इनमें यशपाल सिंह, रामबीर सिंह, मास्टर आशीष तोमर, हरेंद्र, सुनील, सुधीर, महक सिंह, प्रताप, नीरज, महेंद्र, सुरेंद्र, संजय, धर्मवीर आदि रहे।