बड़ौत (बागपत)।
बागपत का नाम आते ही आपके जहन में यहां के अखाडे़ और पहलवान आने लगते हैं। आए दिन यहां के पहलवान नाम देश और विदेश में धूम मचा रहे हैं, लेकिन अब वक्त बदलने लगा है। अब बेटियां पहलवानी और कबड्डी के अलावा मैदान पर चौथे व छक्के लगा रही है। पिछले कुछ साल से बेटियां का क्रेज क्रिकेट की ओर बढ़ा है। इसका पूरा श्रेय बिजवाड़ा के प्रतीक तोमर को जाता है, प्रतीक सुबह होते ही बेटियों को क्रिकेट के मैदान पर उतार देते हैं और उन्हें निशुल्क गेंदबाजी और बल्लेबाजी के टिप्स दे रहे हैं।
वैसे तो प्रतीक बिजवाड़ा गांव के रहने वाले हैं, लेकिन बेटियों को क्रिकेटर बनाने की ऐसी धुन चढ़ी है कि कई कई महीनों तक गांव तक नहीं जाते और सुबह सूरज की किरण से साथ मैदान पर उतर जाते हैं और दिन छिपने तक मैदान पर अपना वक्त गुजरते हैं। कई बार तो बेटियों को लाने और उन्हें घर पर छोड़ने की जिम्मेदारी अभिभावक प्रतीक के कंधे पर ही डाल देते हैं और प्रतीक भी इस जिम्मेदारी को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाते हैं। हैरानी की बात यह है कि प्रतीक यह काम किसी लालच में नहीं ब्लकि बेटियों को बढ़ावा देने के लिए कर रहे हैं। अब उनके पास सैकड़ों बेटियां मलकपुर, हिलवाड़ी, बामनौली, औसिक्का, रमाला, शामली, लोनी, मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों से बेटियां क्रिकेटर बनने का सपना लेकर पहुंच रही है। ऐसा नहीं है कि प्रतीक की मेहनत बेकार जा रही है। जनपद स्तरीय पर होने वाली क्रिकेटर टूर्नामेंट के अलावा बेटियां उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित होने वाली अंडर-16, अंडर-19 आयु वर्ग मेें प्रदेश स्तर पर होने वाली ट्रायल तक जगह बना चुकी है।
मंडलीय प्रतियोगिता में खूब लगाएं चौथे और छक्के
बड़ौत। प्रतीक की मेहनत और बेटियां की लग्न का नतीजा ही है जो मैदान पर अभ्यास करने वाली इकरा, शिवानी, वर्षा, मीनाक्षी, ज्योति, अंशु स्पोर्ट्स स्कूल गेम्स फेडरेशन के तत्वावधान मेें हुई मंडलीय प्रतियोगिता मेें खूब चौथे-छक्के लगाएं।
अभिभावकों को भरोसा बेटियां करेगी नाम रोशन
बड़ौत। रमाला के रहने वाले अभिभावक गजेंद्र चौहान, हिलवाड़ी के प्रवीण कुमार, औसिक्का से हाशिम और बामनौली के ओमवीर तो विश्वास है कि उनकी बेटियां एक दिन उनका नाम रोशन करेगी। वे भी बेटियां को पूरा सहयोग करते हैं। उनका कहना है कि जब बेटियां मजबूत होगी, तभी समाज सुरक्षित रहेगा।
बेटियां ही देश व समाज की शान
बड़ौत। जिला क्रिकेट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विश्वास चौधरी का कहना है कि आज हर क्षेत्र में बेटियां बेटों की बराबरी कर रही है। चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो या फिर खेलकूद का। उन्होंने लोगों से अपील की कि बेटियां को घर पर न बैठाएं। उनका सहयोग करें और उनके अंदर आत्मविश्वास भरे कि बेटियां किसी भी चीज में बेटों से कम नहीं है। कहा कि जब बेटियां होगी तो बहन होगी, मां होगी व समाज होगा। उन्होंने प्रतीक तोमर के प्रयासों की भी जमकर सराहना की।
एकेडमी भी कर रखी है संचालित
बड़ौत। प्रतीक तोमर ने जेवी कॉलेज के मैदान पर शहीद शाहमल क्रिकेट एकेडमी भी संचालित कर रखी है। इसी मैदान पर वे जनपद के अलावा अन्य क्षेत्रों से आने वाली करीब 80 बालिकाओं को क्रिकेटर बनने का निशुल्क प्रशिक्षण देते हैं। उन्होंने जुलाई 2017 से बालिकाओं को प्रशिक्षण देना शुरू किया इस संबंध मेें कॉलेज के प्रबंध समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह लौहड्डा का कहना है कि प्रतीक के इस प्रयास को देखकर कॉलेज के मैदान को पूरी तरह से प्रतीक के हवाले कर रखा है, ताकि वे बेटियां को क्रिकेटर बना सके।