बड़ौत (बागपत)। रेलवे रोड स्थित आर्य समाज भवन में रविवार को सामूहिक यज्ञ हुआ, इसमें यज्ञ के ब्रहा अग्निरस मुनि व यज्ञमान जसवीर सिंह मलिक रहे। इस मौके पर प्रीतम सिंह वर्मा ने कहा कि हम अपने उन पूर्वजों को जो पूर्व में ही जुदा हो चुके हैं अथवा मृत्यु को प्राप्त हो चुके हैं, उन्हें पितृ मानकर उनकी उपासना करते हैं। उन्होंने बताया कि पितर वे होते हैं जो हमारी रक्षा करते हैं। इसमें माता-पिता व गुरुजन शामिल हैं। हमें उनका सम्मान करना चाहिए। इसमें डॉ. ओमवीर सिंह, डॉ. हरपाल सिंह, सत्यपाल पथौलिया, राजेंद्र सिंह, रामबली राणा, ओमपाल राठी, रणतेज उज्जवल, विनोद भारद्वाज, राजकुमार आर्य, सत्येंद्र उज्ज्वल, अमित कुमार, हरवीर सिंह, रीतिक आर्य, मोहन पाल, सुखपाल आदि रहे।
आर्य समाज मधुबन बड़ौत का साप्ताहिक सत्संग महेन्द्र सिंह डबास के आवास पर यज्ञ से प्रारंभ हुआ। यज्ञ के पुरोहित महेंद्र पाल चौहान रहे। सत्यपाल राठी ने कहा कि मनुष्य का मन चंचल होता है। मन मेें शुभ-अशुभ संकल्प का क्रम चलता रहता है। शुभ संकल्प लाभकारी व अशुभ संकल्प विनाशकारी होता है। इसलिए शुभ संकल्प वाला मन बनाने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए। इसमें चंद्रप्रकाश, सोमपाल, ओमपाल, राजेंद्र सिंह आर्य, अशोक आर्य, गौतम, अमन, जयदीप, बहादुर सिंह, सहेंद्र, सुशील चौधरी, सतेंद्र, सोमवती, राजेंद्री, राजेश, सीमा, सुमति, शारदा, संतोष, लक्ष्मी, पुष्पा आदि रहे।