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एनएचएआई के लिए निर्धारित अवधि में पूरा कराना चुनौती

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बागपत। सुप्रीम कोर्ट ने भले ही एक जून से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे (ईपीई) को वाहनों के लिए खोलने की बात कही हो, लेकिन अभी निर्माण कई जगह अधूरा है। खेकड़ा में रेलवे ओवर ब्रिज, मिनी टोल प्लाजा, यमुना नदी पर पुल और सोनीपत में टोल प्लाजा का निर्माण निर्धारित अवधि में पूरा कराना एक चुनौती ही है। इसके अलावा निर्धारित जन सुविधाओं की कोई व्यवस्था नहीं हुई। एनएचएआई के अधिकारियों की प्राथमिकता एक साइड का निर्माण कार्य पूरा कराने की है। उधर, पुलिस की रोक के बावजूद एक्सप्रेस-वे पर वाहनों ने फर्राटा भरना शुरू कर दिया।
एक्सप्रेस-वे के निर्माण की प्रगति जानने के लिए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय और एनएचएआई के अधिकारी पिछले एक माह में कई बार दौरा कर चुके हैं। इस बार 26 मई को पीएम नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम प्रस्तावित है। निर्माण कार्य ने तेजी पकड़ी है, लेकिन अगले 10 दिन में आमजन के लिए खोल देना आसान नहीं होगा। बागपत के हिस्से में खेकड़ा रेलवे ओवर ब्रिज, मिनी टोल प्लाजा, यमुना नदी पर बनाए जा रहे पुल का निर्माण अधूरा है। सोनीपत के सेवली में बनाए जा रहे विश्व स्तरीय टोल प्लाजा का निर्माण अधूरा पड़ा है। यही नहीं कुंडली में ईस्टर्न और वेस्टर्न एक्सप्रेस-वे को जोड़ने वाले टुकड़े का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं है। गाजियाबाद के दुहाई में इंटर चेंज पर कार्य चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद आधे-अधूरे एक्सप्रेस-वे को ही जनता के लिए खोला जा सकता है। एनएचएआई की प्राथमिकता एक साइड का निर्माण पूरा करने की है, ताकि निर्धारित समय पर उद्घाटन कराया जा सके। उधर, एक्सप्रेस-वे पर सोनीपत के कुंडली से गाजियाबाद के दुहाई के बीच वाहन फर्राटा भर रहे हैं। उद्घाटन से पहले ही एक्सप्रेस-वे पर हादसे में कई लोगों की अब तक मौत भी चुकी है।
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एक्सप्रेस-वे से क्या होगा लाभ
बागपत। दिल्ली पर वाहनों का बोझ कम करने के लिए बनाया जा रहा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पूरी तरह एक्सिस कंट्रोल रहेगा। शुरूआत हो जाने के बाद पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जाने के लिए अब लोगों को दिल्ली में एंट्री करने की जरूरत नहीं रहेगी। वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के साथ मिलकर यह दिल्ली के चारों तरफ रिंग रोड बनाएगा। दिल्ली मेें प्रदूषण भी कम होगा।

बागपत के 11 गांव और 20 किमी
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का बागपत में करीब 20.125 किमी का टुकड़ा है। बागपत के गांव काठा, मवी कलां, खेकड़ा, रावण उर्फ बड़ा गांव, नंगला बहेड़ी, लहचौड़ा, गौना, सिंगौली तगा, शरफाबाद, आलम गिरपुर उर्फ टुकाली एवं फुलैरा गांव से होकर एक्सप्रेस-वे गुजरेगा। बागपत के मवी कलां में इंटर चेंज बनाया गया है, इससे बागपत ही नहीं शामली, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद के लोगों को भी बड़ा लाभ होगा।

पीएम नहीं आए, बदलती रही तारीख
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन पहले 31 मार्च को होना था। इसके लिए फिर पांच अप्रैल की तिथि तय की गई। एनएचएआई ने फिर 15 अप्रैल की संभावित तिथि तय की । इसके बाद 29 अप्रैल की तिथि तय की। निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण उद्घाटन टल गया, इस बार 26 मई की तिथि तय की। प्रधानमंत्री कार्यालय की टीम एक्सप्रेस-वे का दौरा कर चुकी है, लेकिन अधूरा निर्माण होने के कारण उद्घाटन आगे बढ़ाया जाता रहा है।

खेकड़ा स्टेडियम में होगी पीएम की जनसभा
बागपत। अब तक जो कार्यक्रम निर्धारित किया है, इसके तहत ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोनीपत जिले में बनाए जा रहे टोल प्लाजा पर पहुंचेंगे। एक्सप्रेस-वे पर ही हेली पैड बनाया जाएगा। इसके बाद कार से वह एक्सप्रेस-वे का भ्रमण करेंगे। बागपत के खेकड़ा में एक्सप्रेस-वे से सटे स्टेडियम में जनसभा का आयोजन होगा।

31 मई तक कैसे शुरू होगी जन सुविधाएं
बागपत। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का निर्माण अंतिम दौर में है। 500 दिन में निर्माण के रिकॉर्ड के साथ यह वाहनों के लिए खोले जाने की तैयारी की। 135 किमी के टुकड़े में आठ जगह हाइवे नेस्ट होंगे, इनमें जलपान और खानपान की सुविधाएं मिलेगी। सोलर पावर और ड्रिप सिंचाई की वाला देश का पहला एक्सप्रेस-वे होगा। ट्रायल के बाद ही इसे वाहनों के लिए खोला जाएगा। ओवरलोड वाहन एक्सप्रेस-वे नहीं चल सकेंगे, ऐसे वाहनों को एग्जिग गेट से बाहर कर दिया जाएगा। आठ सोलर पावर प्लांट लगाए गए हैं। एक्सप्रेस-वे की बगल में पेट्रोल पंप, मोटल्स, रेस्ट एरिया, वॉश रूम, रेस्टोरेंट, दुकानें और रिपेयर सर्विस रहेगी। लेकिन निर्धारित समय में सुविधाओं के शुरू होने की संभावना नहीं है।

ऐसा है ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे
बागपत। एनएचएआई के अधिकारी बताते हैं कि 135 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे का निर्माण 14 सितंबर 2015 को शुरू हुआ। इस पर चार बड़े पुल हैं, इनमें दो पुल यमुना नदी पर, एक हिंडन और एक आगरा मार्ग पर ंहै। इसके अलावा 45 छोटे पुल, रेलवे ओवरब्रिज आठ हैं। फ्लाईओवर चार, अंडर पास की संख्या करीब तीन सौ से ज्यादा हैं।


एक्सप्रेस-वे पर सात जगह मिलेंगे कट

दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर मवी कलां गांव के निकट।
दिल्ली-मेरठ हाईवे पर दुहाई गांव के निकट।
दिल्ली-हापुड़ मार्ग पर डासना नगर पंचायत के निकट ।
गाजियाबाद-अलीगढ़ मार्ग पर बील अकबरपुर गांव के पास ।
कासना-बुलंदशहर मार्ग पर सिरसा गांव के निकट ।
अटाली-चेनसा मार्ग पर मौजपुर गांव के पास ।
दिल्ली-आगरा मार्ग पर हरियाणा के शहर पलवल के निकट ।



बागपत के खेकड़ा में आरओबी अब भी अधूरा
ग्रेटर नोएडा । एक तरफ सुप्रीम कोर्ट ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को चालू करने के लिए 31 मई तक की मोहलत दी है। दूसरी तरफ एक्सप्रेसवे पर रोड बनाने का काम भी चल रहा है। मार्किंग, गैलेंट्री बोर्ड जैसे तमाम कार्य अभी होने हैं।
एनएचएआई के अधिकारी ने बताया कि खेकड़ा (बागपत) में रेलवे ओवरब्रिज बनाने का काम चल रहा है। अभी तक आधा ही बन सका है। बाकी आधे को इस माह के अंत तक पूूरा कर लिया जाएगा, लेकिन इसके बाद भी बहुत से काम होने हैं। लेन तय होनी है। गैलेंट्री बोर्ड लगने हैं। सेंट्रल वर्ज और किनारे की तरफ बैरियर लगने हैं। इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ने व उतरने के लिए बन रहे रैंप पर भी काम चल रहा है। इस बारे में एनएचएआई का कहना है कि रोड का काम इस माह तक पूरा हो जाएगा। वाहन आना-जाना कर सकेंगे, लेकिन मार्किंग व गैलेंट्री बोर्ड जैसे काम बाद में होंगे। पीएम इसका उद्घाटन कर सकेंगे। अधिकारी यमुना एक्सप्रेसवे व आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का हवाला देते हुए कहते हैं कि रोड बनाकर चालू कर दी गई है। बाकी काम उद्घाटन के कई महीने बाद तक हुए हैं। हालांकि, कुंडली से पलवल तक 135 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का गौतमबुद्धनगर एरिया में 41 किलोमीटर की लंबाई में रोड का काम पूरा होने का दावा है। यमुना एक्सप्रेसवे के ऊपर फ्लाईओवर भी बन चुका है। इसके चालू होने पर देश की एतिहासिक धरोहरों की झलक देखने को मिलेगी।
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80 चालान काटे
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन भले नहीं हुआ, लेकिन वाहन खुद से चलने लगे हैं। काम करना मुश्किल हो रहा है। इससे परेशान होकर एनएचएआई ने ट्रैफिक पुलिस के साथ अभियान चलाया। पिछले दो-तीन दिनों में 80 से अधिक चालान कट चुके हैं। चालान कटने पर वाहन चालक पता न होने की बात कहते हैं।
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