बागपत। निवाड़ा गांव में खनन को लेकर हुए बवाल के मामले में कुछ ग्रामीणों को झूठा फंसाने के विरोध में पंचायत हुई। इसमें निर्णय लिया कि गांव की गुटबाजी को समाप्त कर किसानों के बीच समझौता कराया जाएगा। निर्दोष किसानों को किसी भी कीमत पर जेल नहीं जाने देंगे।
रविवार को अकबर की अध्यक्षता में हुई पंचायत में वक्ताओं ने कहा निवाड़ा पुलिस चौकी के पास खादर में हुए बवाल का जिम्मेदार पुलिस-प्रशासन है। किसानों की आवाज को दबाने के लिए पुलिस ने किसानों की तरफ से दर्ज कराई रिपोर्ट में सात ग्रामीणों के नाम जबरन शामिल कराए हैं। पुलिस ने जाहिद पर दबाव बनाकर तहरीर बदलवा दी। ताकि आपसी गुटबाजी में उलझ जाए। इसे कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्दोष किसानों और ग्रामीणों को किसी भी कीमत पर जेल नहीं जाने देंगे। इसके लिए चाहे उन्हें लखनऊ में मुख्यमंत्री का का दरवाजा खटखटाएंगे। पंचायत में निर्णय लिया गांव की गुटबाजी को समाप्त कराकर ग्रामीणों व किसानों के बीच समझौता कराया जाएगा। संचालन अखलाक ने किया। इसमें इस्लाम, यामीन, गुलफाम, महक सिंह, ओमप्रकाश, सरवत आदि उपस्थित रहे।