बागपत। वेस्ट यूपी के चार जिलों से होकर गुजरने वाले दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को आखिरकार यूपी सरकार की एनओसी मिल गई है। हाईवे का निर्माण अब केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय कराएगा। केंद्रीय मानव संसाधन, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनरोद्धार राज्यमंत्री डॉ सत्यपाल सिंह ने बताया कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
बृहस्पतिवार को केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष सचिव डॉ. राज शेखर ने इस बाबत सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्ली के सचिव को एनओसी भेज दी है। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सपा सरकार के एनओसी नहीं देने के कारण ही हाईवे के निर्माण कार्य में देरी हुई है। हाईवे के गड्ढ़ों होने से चार जिले के लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। गौरीपुर मोड़ समेत अन्य जगहों के गड्ढ़े भरने के लिए 12 सौ करोड़ रुपये मंजूर किए थे, इनमें उपशा ने गौरीपुर मोड़ पर काम शुरू करा दिया है। यह हाईवे गाजियाबाद, बागपत, शामली और सहारनपुर से होकर गुजरता है। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने प्राथमिकता के आधार पर बृहस्पतिवार को एनओसी दिलाई है।
बागपत में 51 किमी तक बनेगा हाईवे
बागपत। दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे का निर्माण फाइलों में दर्शाकर 455 करोड़ रुपये डकार लिए । हकीकत में गाजियाबाद से लेकर सहारनपुर तक स्टेट हाईवे में जगह-जगह पैबंद (टुकड़ी) लगी है। बागपत के करीब 51 किमी के टुकड़े से गुजरना दुश्वारियों से भरा है। पुलिया तक का निर्माण पूरी तरह से अधूरा पड़ा हुआ है।
पांच साल पहले हुआ था निर्माण शुरू
बागपत। चार लेन के प्रस्तावित हाइवे पर कार्य की शुरूआत 30 मार्च 2012 को हुई थी, उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण (उपशा) की ओर से आरटीआई के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में छह सितंबर 2016 तक हाईवे निर्माण कराने की बात कही गई थी। ठेकेदार कंपनी के निदेशक समेत अन्य लोगों के खिलाफ 455 करोड़ के घपले का मुकदमा दर्ज हो चुका है।