गांव-गांव फैला बुखार, कब जागेगा स्वास्थ्य विभाग
बागपत। जिले में बुखार कहर बरपा रहा है। डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड समेत अन्य लक्षणों के साथ बुखार से जिलेभर में अब तक दर्जनों लोगों की तो मौत हो चुकी है। अकेले रटौल गांव में एक माह के अंदर चार लोगों की जान जा चुकी है। अभी भी दर्जनों बुखार से ग्रस्त है। स्वास्थ्य विभाग पर अनदेखी का आरोप है।
जनपद में बुखार पूरी तरह से बेकाबू है। ग्रामीण क्षेत्र में सबसे ज्यादा लोग बुखार से ग्रस्त हो रहे है। चौगामा क्षेत्र के खपराना गांव में दो सप्ताह के अंदर महिला समेत चार की बुखार से मौत हो चुकी है। रटौल में चार की जान जा चुकी है। तेड़ा गांव में किशोरी तथा पूरनपुर नवादा गांव में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। लहचौड़ा गांव में बुखार से जावेद, शिवदत्त, अंगूरी, मंगेराम, ललिता, मनोज, राहुल, सुमित, अजय, पंकज, बॉबी व रटौल में साबिर, धनवीर, नसीम, बच्चा अयान, साकिब बुखार से पीड़ित हैं। जिला अस्पताल में आए दिन डेंगू के मरीज आ रहे है। 11 दिन के अंदर 16 मरीज आ चुके है। सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भरमार है। दिन निकलते ही मरीजों की अस्पताल में लाइन लग जाती है। डेंगू के अधिकांश मरीजों को तो जिला अस्पताल से भी रेफर कर दिया जाता है। उधर स्वास्थ्य विभाग पर ग्रामीण लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। रटौल गांव के लोगों का कहना है कि फिलहाल दर्जनों लोग बुखार से ग्रस्त है। स्वास्थ्य विभाग से कई बार कैंप लगाकर इलाज कराने और कीटनाशक दवाई का छिड़काव कराने की मांग की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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वायरल फीवर से ग्रस्त हो रहे लोग : सीएमओ
सीएमओ डॉक्टर सुषमा चंद्रा का कहना है कि मौसम बदलने से वायरल फीवर के मरीज अस्पताल में आ रहे है। मलेरिया और डेंगू का इक्का-दुक्का केस आ रहा है। सभी स्थानों पर कैंप लगाकर मरीजों का इलाज कराया जा रहा है। साथ ही फोगिंग और स्पे्र भी कराया जा रहा है।
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बुखार से बचाव के उपाय
:: मकान के आसपास गंदगी इकट्ठा न होने दे
:: गली-मोहल्लों व मकान में पानी इकट्ठा न होने दे
:: कूलर की सफाई रखे, लगातार पानी बदले
:: बुखार होने पर चिकित्सकों के परामर्श से दवाई ले
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जिला अस्पताल से रेफर किए जा रहे मरीज
बागपत। बुखार के गंभीर मामलों को जिला अस्पताल से मेरठ के लिए रेफर कर दिया जाता है। यहां रोजाना सैकड़ों मरीज पहुंच रहे हैं। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को जिन क्षेत्रों में बुखार का अधिक प्रकोप है, वहां पर कैंप लगाना चाहिए।