बागपत। उत्तर प्रदेश में सहकारी समितियों के चुनाव का बिगुल बज चुका है। छह नवंबर को डायरेक्टर पद के लिए मतदान होना है। इसकी तैयारियां चल रही है। वोट बनवाने के लिए आखिरी दिन किसान समितियों पर पहुंचे। करीब दो हजार वोट इस बार पिछले चुनाव के सापेक्ष बढ़ गए हैं।
सहकारी समिति चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई है। भाजपा पहले ही सहकारी समिति और निकाय चुनाव को लेकर कह चुकी है कि वह हर जगह परचम लहराएगी। रालोद और सपा के नेता भी सहकारी समिति के चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। एआर कॉपरेटिव विकास नेहरा ने बताया बृहस्पतिवार को समिति सदस्य बनने का आखिरी दिन था, इसके लिए किसानों ने वोट बनवाएं और उत्साह दिखाया। जिले की समितियों से डाटा एकत्र किया जा रहा है। इस बार करीब दो हजार वोट पिछले चुनाव के सापेक्ष अधिक बने हैं। चुनाव को लेकर लोगों के बीच उत्साह रहता है। सहकारी समितियों का प्रबंधन इन चुनाव की तैयारी में जुटा है। छह नवंबर को डेलीगेट और सात नवंबर को सभापति और उपसभापति का चुनाव होना है। राजनीति दलों ने भी क्षेत्र में अपनी तैयारी शुरू कर दी है।
बागपत में 36 समितियां, प्रत्येक पर 13 पद
बागपत। जिले में 36 सहकारी समितियां है। एआर कॉपरेटिव विकास नेहरा ने बताया प्रत्येक समिति पर 13 सदस्य का चुनाव होता है, जिसके बाद सभापति और उपसभापति का चुनाव होना है। शुक्रवार को जिले की समितियों पर बनें सदस्यों का रिकॉर्ड एकत्र किया जाएगा।