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छपरौली के विधायक ने सदन में उठाया आंगनवाडिय़ों के मानदेय का मुद्दा

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बड़ौत (बागपत)।
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रालोद के छपरौली विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने विधानसभा सत्र में आंगनबाड़ियों का मानदेय भुगतान नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा पिछले 14 माह से मानदेय न मिलने कारण क्षेत्र की सैकड़ों आंगनबाड़ियों को आर्थिक परेशानी हो रही है । उन्होंने उप्र की आंगनबाड़ी का मानदेय अन्य प्रदेश की आंगनबाड़ी के बराबर देने की भी मांग उठाई।
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विधायक सहेंद्र सिंह ने महिला एवं बाल विकास मंत्री से सवाल किया कि आंगनबाड़ी सरकार की महिला एवं बाल विकास से संबधित योजनाओं को घर-घर जाकर पहुंचा रही है। उन्होंने बताया उनके क्षेत्र के गांव किरठल, रठौड़ा, रमाला, कसबा छपरौली आदि की आंगनबाड़ी उनसे मिली और बताया उनका मानदेय 14 माह से रोका हुआ है। डीएम से शिकायत करने के बाद भी मानदेय मानदेय अभी तक नहीं दिया। विधायक ने मंत्री को बताया उनके द्वारा जिलाधिकारी को कहने पर आंगनबाड़ियों का मानदेय इस महीने से फिर से आरंभ कर दिया, परंतु विगत 14 माह का मानदेय अब तक नहीं दिया। विधायक ने सवाल पूछा प्रदेश में आंगनबाड़ी के मानदेय में प्रतिमाह कितना अंश केंद्र सरकार का है और कितना अंश उप्र का है। उन्होंने सदन से पूछा हरियाणा, दिल्ली आदि प्रदेशों की तुलना में उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी का कम मानदेय क्यों दिया जाता है।
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