अमीनगर सराय (बागपत)। जैनाचार्य सुभद्र मुनि महाराज ने धर्मसभा में कहा शरीर और आत्मा का दोनों का अपना-अपना मूल्य है। दोनों का ध्यान रखना चाहिए। शरीर नश्वर है, पर इस मानव शरीर से हम सदुपयोग करके मानवता का विकास कर सकते हैं। मानव शरीर दुर्लभ है। यह शरीर सन्मार्ग पर चलकर अनंत कार्यों से मुक्त हो सकते हैं। आत्मा की पवित्रता की प्राप्ति हो सकती है। आचार्य श्री ने कहा कि साधन का सदुपयोग करना साधना, धर्म का रूप बन जाता है। कर्मों से छुटकारा पाना है। कष्टों से मुक्त होना है तो सन्मार्ग का अनुसरण करें। आत्मा की शुद्धि बाह्य तत्वों से नहीं धर्म-पथ से होती है। शरीर के लिए भोजन है, आत्मा के लिए प्रभु स्मरण, भजन है, जो मन को सात्विक बनाती है। इस दौरान वीरेंद्र जैन, संजय जैन, बबिता जैन, मूलचंद जैन, अनिल जैन, वीरेंद्र जैन, सतेंद्र उपस्थित रहे।
धरना प्रदर्शन छह को
बागपत। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार यादव ने बताया कि छह फरवरी को विभिन्न समस्याओं को लेकर कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।