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मीतली में जहर से चार गोवंश की मौत, तीन मिले बेहोश

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अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। मीतली गांव में जहरीले पदार्थ के सेवन से चार गोवंश की मौत हो गई, जबकि ग्रामीणों की तीन बेहोशी की हालत में मिले। गांव में रोष फैल गया। ग्रामीणों का आरोप था गोवंशों को जहर देकर मारा गया है। पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मृतक गोवंश का पोस्टमार्टम किया, लेकिन किस तरह के जहर से मौत हुई है, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह का कहना है कि विसरा प्रिजर्व कर लिया गया है, जिसे जांच के लिए भेजा जाएगा।
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मेरठ-बागपत मार्ग स्थित मीतली गांव के ग्यारह बीसे मोहल्ले में दर्जनों गाय, बछड़े घूमते रहते हैं। सोमवार सुबह इनमें से चार बछड़ों की मौत हो गई और तीन बेहोशी की हालत में पड़े मिले। सुबह करीब पांच बजे ग्रामीणों जब घूमते हुए वहां पहुंचे। मृत पड़े गोवंशों को देखकर ग्रामीणों में रोष फैल गया। बछड़े इधर-उधर मृत पड़े थे। सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान सतीश राणा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके पुलिस और पशु चिकित्सकों की टीम पहुंची।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। ग्रामीणों ने बताया कि बछड़ों को जहर देकर मारा गया है, अभी तीन बेहोश हैं। वहीं धान की खेत में डाली जाने वाली दवा से भी मौत के कारणों को माना जा रहा है। इस दौरान सीवीओ डॉ. राजपाल सिंह, डिप्टी सीवीओ डॉ. सोमदेव चौहान, पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार, डॉ. रवीश कसाना, डॉ. विकास कुमार ने पोस्टमार्टम किया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि बछड़े सवा साल से ढाई वर्ष तक के बीच के हैं। सभी का पोस्टमार्टम कराया। इसमें मौत का कारण प्रथम दृष्टया जहर ही लग रहा है। फिर भी ठोस जानकारी के लिए बिसरे को सुरक्षित रखा है। लीवर, किडनी को आगरा परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। तीन बेहोश गाय हैं, इनमें से एक हालत गंभीर है।
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क्या हो सकते हैं मौत के कारण
अग्रवाल मंडी टटीरी। गोवंश को किसी ने जहर दिया है। इसके अलावा खेत से जहरीला चारा या धान के खेत से जहरीला पानी पीने से भी मौत हो सकती है। पुलिस इसकी जांच में जुटी है।
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ग्रामीणों की मदद से मृत बछड़ों को दफनाया
प्रधान ने लोगों की मदद से मंदिर के समीप गोदाम के पीछे गहरे-गहरे गड्ढे खुदवाकर सभी मृत बछड़ों को दफन करवा दिया।
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