बागपत। गड्ढों का दर्द सब जानते हैं, लेकिन दवा कोई नहीं करता। प्रशासन के तमाम अधिकारी इसी रास्ते से गुजरकर मेरठ तक जाते हैं। गड्ढों से परेशानी झेलते हैं, लेकिन समाधान कुछ नहीं निकलता। गांव में पहुंचने वाले जनप्रतिनिधियों के समक्ष ग्रामीण मुद्दा उठा चुके हैं, लेकिन वायदों के अलावा अभी तक कुछ नहीं मिला है। ग्राम प्रधान राजीव चौधरी कहते हैं कि लोक निर्माण विभाग के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा उठाया जा चुका है, लेकिन हल कुछ नहीं निकला। मेरठ जाने का यही मुख्य मार्ग है। इस वजह से प्रशासन के अधिकारी भी आए दिन यहां से गुजरते हैं और समस्या से अंजान नहीं है। इसके बावजूद गांव के लोग परेशान और मजबूर हैं। महिला मुनेश देवी का कहना है कि उनकी समस्याओं पर किसी का ध्यान नहीं है। उनके बच्चों का जीवन हर वक्त खतरे में रहता है। प्रशासन को इसकी चिंता करनी चाहिए। अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी सुनील कुमार कहते हैं कि टटीरी और बागपत के कुछ ही किमी के टुकड़े में नया गांव हमीदाबाद से गुजरना आसान नहीं रह गया है। आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। सहदेव कहते हैं कि वह रोज इस रास्ते से गुजरते हैं, समस्या झेलनी पड़ती है। उनके जैसे ही सैकड़ों स्थानीय लोग यह समस्या झेल रहे हैं। टटीरी से बागपत तक सड़क का निर्माण होना चाहिए। शानू का कहना है कि मार्ग का निर्माण जल्द से जल्द होना चाहिए।
उपशा को हैंडओवर किया जा चुका मार्ग
बागपत। पिछले वर्ष गढ़-सोनीपत मार्ग लोक निर्माण विभाग ने उपशा को हैंडओवर कर दिया था। बागपत में बालैनी पुल से निवाड़ा चौकी तक करीब 34 किमी का टुकड़ा है। इसी हिस्से में नया गांव हमीदाबाद भी पड़ता है। मार्ग का निर्माण तो उपशा की फाइलों में प्रस्तावित है।