बागपत। दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे स्थित काठा गांव में मिनी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने शीशे तोड़कर यात्रियों को बस से निकाला। 30 यात्री घायल हो गए। हादसा बस की तेज गति और सड़क पर गड्ढा होने के कारण हुआ। आरआरएफ के जवानों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। इस कारण मार्ग पर कई घंटे तक जाम लगा रहा।
लोनी बार्डर से मिनी बस (यूपी 17डी-2928) यात्री लेकर रविवार दोपहर करीब दो बजे शामली जा रही थी। काठा गांव के पास पहुंचते ही बस अनियंत्रित होकर पलट गई। प्रत्यक्षदर्शी सतेंद्र चौधरी, अवनीश, ओमपाल, राजीव के मुताबिक चालक बस को बहुत तेज गति से चला रहा था, रोड पर गहरा गड्ढा होने के कारण बस का संतुलन बिगड़ गया। चालक बस को नियंत्रित नहीं कर पाया और बस अचानक पलट गई। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण बस की ओर दौड़ पड़े। उन्होंने बस के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला। इनमें से 30 यात्री घायल हो गए। सूचना करने के काफी देर बाद पहुंची एंबुलेंस और पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। आरआरएफ के जवान भी घायलों को अस्पताल लेकर गए। इस दौरान मार्ग पर कई घंटे जाम लग गया। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पकड़ा। सीओ दिलीप सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की। सीओ ने कहा हाईवे पर बस पलटी है। बस का चालक भाग गया। एआरटीओ आरपी मिश्रा ने कहा हादसे के कारण का पता लगाया तजा रहा है। इसी के आधार पर बस चालक और स्वामी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
घायलों का ब्योरा
बागपत। बस में करीब 70 यात्री सवार थे। इनमें से शामली के पुर बालियान निवासी उमरा कौर और उसकी भतीजी बबीता, बड़ौत निवासी सुदेश मलिक, मुरादनगर ( गाजियाबाद) निवासी अमीर और उसकी मां शादरा, बागपत की राशिद कॉलोनी निवासी महिला हसीना और उसकी बेटी नगमा, मीतली निवासी रामभूल और उसका मौसेरा भाई सुरेंद्र, एलम निवासी प्रेमपाल और उनकी पत्नी अमरेश, डौलचा निवासी मुन्नी, बागपत की मुन्नी, हाजरा, बस्सो और समर, जौनमाना निवासी जम्मन, बाबली निवासी ममता देवी और उसका बेटा यश, बड़ौत निवासी गीता, बच्चे अंकुश, पायल, आयुष, गांगनौली निवासी मोहम्मद वकील, मवी कलां निवासी महिला गंगा समेत 30 यात्री हादसे में घायल हुए।
....मम्मी बस पलट गई है, जल्द आ जाओ
बागपत। हादसा होने के बार एक युवती ने अपनी मम्मी के पास फोन करके जानकारी दी बस पलट गई है। जल्द अस्पताल में आ जाओ। इसी तरह किसी ने अपने पिता को फोन किया तो किसी ने अपने भाई को।
देरी से एंबुलेंस और पुलिस पहुंचने पर हंगामा
बागपत। काठा गांव के लोगों का कहना है कि हादसा होते ही पुलिस और एंबुलेंस को फोन कर दिया गया, लेकिन समय से न एंबुलेंस पहुंची और न ही पुलिस। उन्होंने खुद ही बस से यात्रियों को निकाला। इसके विरोध में उन्होंने हंगामा किया। पुलिस अफसरों ने कहा सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे ।
गड्ढे के कारण आए दिन होते है हादसे
बागपत। काठा गांव के लोगों ने कहा गड्ढे के कारण आए दिन हादसे होते है ,लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। कई बार अफसरों को जर्जर सड़क से अवगत कराया जा चुका है।