बड़ौत (बागपत)।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण उत्खनन शाखा द्वितीय एवं भारतीय पुरातत्व संस्थान लाल किला दिल्ली द्वारा संयुक्त रूप से सिनौली में प्रथम व द्वितीय चरण के बाद चल रहा तृतीय चरण का उत्खनन कार्य सोमवार को भी जारी रहा। शोधार्थियों को यहां से ओर भी पुरावशेष मिलने की संभावना है, इसलिए सभी शोधार्थी सावधानी से उत्खनन कार्य कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 15 जनवरी से सिनौली मेें तृतीय चरण का उत्खनन कार्य शुरू हुआ। डेढ़ माह से अधिक का समय हो चुका है। इस अवधि में यहां से मानव बस्ती के प्रमाण मिल चुकी है, इसके अलावा ईंटों की विशाल दीवार, दुर्लभ पॉटरी के साथ-साथ एक ट्रेंच से मानव कंकाल प्राप्त हुआ, यह महिला का कंकाल है और इसके कानों से स्वर्ण आभूषण भी प्राप्त हुए हैं। इस महिला को बाहर निकालते हुए टीम को एक शाही ताबूत भी मिला। इसके अलावा यहां पर जानवरों के जबडे़, धनुषनुमा आकृति भी मिल चुकी है। रविवार को दौरे के दौरान डॉ. उषा शर्मा ने शोधार्थियों से भी उत्खनन संबंधी जानकारी ली और कहा कि किसी तरह की परेशानी तो नहीं आई, इस पर शोधार्थियों ने उन्हें बताया कि उत्खनन कार्य सही चल रहा है।
रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहना संभव
बड़ौत। सिनौली में चल रहे उत्खनन कार्य के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की महानिदेशक डॉ उषा शर्मा ने बताया कि उत्खनन स्थल से प्राप्त पुरावशेषों को पुरातत्व विभाग दिल्ली में शोध के लिए भेजा जा रहा है, जब तक प्राप्त पुरावशेषों की रिपोर्ट नहीं आ जती, तब तक कुछ भी कहना संभव नहीं है।
छात्रों का दल आज आएगा
बड़ौत। शहजाद राय शोध संस्थान के निदेशक अमित राय जैन ने बताया कि मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के शोध छात्रों का दल बरनावा, सिनौली, कुरड़ी व अन्य स्थानों पर उत्खनन क्षेत्र का भ्रमण करेगा और बाद में शहजाद राय शोध संस्थान में संग्रहीत पुरातत्व वस्तुओं का अध्ययन करेगा।