बागपत। छपरौली ब्लॉक प्रमुख पद से हटाई गई निशा देवी को उच्च न्यायालय इलाहाबाद से स्टे मिल गया है। वह फिर से ब्लॉक प्रमुख का कार्यभार संभालेंगी।
वर्ष 2016 में छपरौली ब्लॉक प्रमुख पद के लिए हुए चुनाव में निशा पत्नी संजीव कुमार निवासी लूंब ने जीत हासिल की थी। 15 मार्च 2016 को हलालपुुर गांव निवासी ब्रजपाल पुत्र भंवर सिंह ने ब्लॉक प्रमुख निशा पर फर्जी जाति प्रमाणपत्र लगाकर चुनाव लड़ने का आरोप लगाते हुए बड़ौत कोतवाली में ब्लॉक प्रमुख निशा, उसके पति संजीव कुमार, सिया चंद, ऋषिपाल निवासी लूंब, सतबीर निवासी रोशनगढ़ थाना बालैनी व तत्कालीन कानूनगो फतेह सिंह उर्फ फतेह चंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया । जाति प्रमाणपत्र के विरुद्ध शिकायत होने पर जिला स्तरीय समिति ने तीन अक्तूबर 2017 को प्रमाणपत्र को पिछडे़ वर्ग ओबीसी के अंतर्गत माना । शिकायतकर्ता ने मंडलीय समिति के समक्ष अपील दाखिल की। मंडलीय समिति ने पांच जून 2018 को जिला स्तरीय समिति के आदेश को निरस्त कर दिया। आदेश के विरुद्ध ब्लॉक प्रमुख ने राज्य स्तरीय स्कूटनी में याचिका दाखिल कर दी। राज्य स्कूटनी ने भी याचिका खारिज कर दी। पंचायत राज सचिव ने सात सितंबर 2018 को निशा देवी को ब्लॉक प्रमुख पद से हटा दिया। इसके विरुद्ध निशा देवी ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका दायर कर दी। 18 फरवरी को उच्च न्यायालय से उन्हें स्टे मिल गया। निशा देवी के पति संजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने न्यायालय के आदेश की प्रतिलिपि डीएम, डीपीआरओ बागपत को भी दे दी है। उन्हें जल्दी ही फिर से ब्लॉक प्रमुख पद का कार्यभार दिया जाएगा।