बड़ौत (बागपत)।
मुनि सुरत्न सागर महाराज ने संसघ चतुर्थ मास के लिए बड़ौत नगर में मंगल प्रवेश किया। इस मौके पर जैन संत को शोभायात्रा के साथ बिनौली रोड से अजित नाथ मंदिर लाया गया और विहर्ष सभागार में आयोजित धर्मसभा में विचार व्यक्त किए।
अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर कमेटी के तत्वावधान में मुनि सुरत्न सागर महाराज ने संसघ नगर मेें प्रवेश किया। उनकी शोभा यात्रा बिनौली रोड से शुरू होकर मुख्य मार्गों से शुरू होकर अजितनाथ मंदिर पहुंचे, रास्ते मेें जगह-जगह मुनि संघ का भक्तों ने पादप्रक्षालन कर आरती उतारी। शोभा यात्रा के बाद सुरतन सागर माहराज ने विहर्ष सभागार में धर्मसभा में कहा कि किसी नगर मेें संतों का आगमन बहुत पुण्य होता है। आज देश को महान कहा जाता है, अमेरिका या पाकिस्तान को नहीं। इसका कारण है कि भारत में महावीर व राम जैसी पुण्य आत्माओं का जन्म हुआ है। भारत में निरंतर साधु संतों का विचरण चलता रहा हैै। कहा कि काम पर जाते समय यदि गुरू के दर्शन हो जाए तो समझों काम सफल हो गया। संचालन मांगेराम जैन ने किया। इसमें अजित नाथ मंदिर कमेटी, विमर्श जागृति मंच, वीर हर्ष ग्रुप, स्याद्वाद संगीत मंडल, जैन मिलन परिवार द्वारा मुनि के चरणों मेें फल समर्पित किए। इसमें अध्यक्ष सुभाष जैन, महामंत्री मुकेश जैन, प्रदीप जैन, वरदान जैन, मुकेश, प्रवीण जैन, सुनील जैन, सुंदर लाल, महेंद्र जैन, अरुण जैन, अशोक जैन, अंकुर जैन, अनिल जैन शामिल रहे।
गुरू की वाणी से होता है कल्याण
बड़ौत। जैन स्थानक प्राचीन पट्टी चौधरान मेें चल रहे धर्मसभा मेें जैन महा साध्वी वैभव श्री ने कहा कि विनय से सुख-शांति मिलती है। विद्या से विनम्रता प्राप्त होती है। कहा कि गुरू की वाणी सुनकर मनुष्य का कल्याण संभव है। साध्वी प्राजला ने भजन की प्रस्तुति दी। धर्मसभा में सुरेंद्र जैन, हेमचंद जैन, संजय जैन, राम जैन, नवीन जैन, इंद्राणी, मंजु, सुनीता आदि रहे।