बागपत। टटीरी के एक परिवार पर तीन साल से बाल श्रम कराने का आरोप लगाने वाली किशोरी घर में मारपीट से परेशान होकर कई दिन से गायब थी। बृहस्पतिवार को न्यायपीठ बाल कल्याण समिति ने किशोरी और उसके माता-पिता को बुलाकर भविष्य में ऐसा नहीं करने की हिदायत दी। न्यायपीठ बाल कल्याण समिति के न्याय प्राधिकारी राजीव यादव ने बताया कि टटीरी के एक परिवार पर बाल श्रम कराने और भूखा रखने का आरोप लगाने वाले किशोरी से सीडब्ल्यूसी के निर्देश पर बागपत कोतवाली की बाल कल्याण अधिकारी बेबी ने सख्ती से पूछताछ की। खुलासा हुआ कि वह बागपत की पुरानी तहसील की रहने वाली है। वह तीन बहन और एक भाई है। उसके पिता मजदूरी करके परिवार को पालते है। बड़ी बहन की मारपीट से तंग आकर वह घर से निकल कर टटीरी पहुंच गई थी। वहां से एक सामाजिक कार्यकर्ता के विद्यालय में रूकी। घर जाने से बचने के लिए ही किशोरी ने बाल श्रम कराने की झूठी कहानी गढ़ी थी। ब्यूरो