बिनौली (बागपत)
धर्म नगरी बिनौली में स्थित अति प्राचीन जिनालय के आमूल चूल जीर्णोद्वार पश्चात नवनिर्मित जैन स्वेतांबर मंदिर में चल रहे छह दिवसीय पंच कल्याणक युक्त अंजन श्लाका प्रतिष्ठा महा महोत्सव के छठे दिन रविवार को विधि विधान पूर्वक सात तीर्थकर भगवानों की मंदिर जी में मूर्तियां स्थापित कीं। इस मौके पर मंदिर जी के शिखर पर ध्वजा भी फहराई गई।
रविवार को प्रात:काल श्रीमद विजय नित्यानंद सूरीश्वर महाराज के पावन सानिध्य और विधानाचार्य पंडित कलपेश भाई अहमदाबाद के निर्देशन में सर्वप्रथम सात तीर्थंकर भगवानों की मूर्ति को पवित्र किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने विधिविधान पूर्वक मंत्रोच्चारण के साथ सावा प्रारंभ कर भगवान विमल नाथ की प्रतिष्ठा कर उनकी मूर्ति स्थापित करने का सौभाग्य डॉ. रुपल जैन, भगवान गौतम स्वामी की प्रतिष्ठा कर उनकी मूर्ति स्थापित करने का सौभाग्य पवन चंद जैन, उषा जैन मुंबई , चक्रेश्वरी देवी की प्रतिष्ठा कर उनकी मूर्ति स्थापित करने का सौभाग्य शांति लाल, दिनेश कुमार जैन लुधियाना, माता पद्मावती की प्रतिष्ठा कर उनकी मूर्ति स्थापित करने का सौभाग्य सुरेंद्र कुमार जैन, अमित कुमार जैन मेरठ, महावीर स्वामी की प्रतिष्ठा कर उनकी मूर्ति स्थापित करने का सौभाग्य जुगल किशोर, प्रवीण कुमार जैन दिल्ली, विजय वल्लभ सूरीश्वर जी महाराज की प्रतिष्ठा कर उनकी मूर्ति स्थापित करने का सौभाग्य जगदीश जैन, उमेश जैन, मेघ कुमार जैन, मुकेश कुमार जैन मेरठ, लक्ष्मी जी की प्रतिष्ठा कर उनकी मूर्ति स्थापित करने का सौभाग्य अरुण जैन, तुषार जैन मेरठ, मणि इंद्र भगवान की प्रतिष्ठा कर उनकी मूर्ति स्थापित करने का सौभाग्य रजनीश जैन मेरठ को प्राप्त हुआ। इसके साथ भगवान आदि नाथ, भगवान शांति नाथ की प्रतिष्ठा कर मंदिर जी में मूर्तियों को स्थापित किया। मंदिर जी के शिखर पर ध्वज फहराने का सौभाग्य मुकेश जैन, दिनेश जैन, वरण जैन मेरठ, हरीश चंद जैन, अमित कुमार जैन मेरठ, गुणेंद्र कुमार जैन, सुरेंद्र कुमार जैन को प्राप्त हुआ। शिखर पर कलश चढ़ाने का सौभाग्य रिसाल सिंह, जगत सेठ जैन दिल्ली शाहदरा को प्राप्त हुआ।
इस आयोजन में अरुण कुमार जैन, मुकेश कुमार जैन, गौतम चंद जैन, सुधीर जैन, सुबोध जैन, पूर्णचंद जैन, सत्यप्रकाश गोयल, अंकित जैन, राकेश जैन, श्रवण जैन, योगेश जैन आदि रहे।