विद्युत निगम की चूक पर किसानों को जाना पड़ा जेल
बागपत। इसे विद्युत निगम की अदूरदर्शिता कहें या हठधर्मिता। मौजिजाबाद नांगल में गलत लाइन खींचे जाने का विरोध करने पर दो किसानों को जेल भेज दिया गया। किसान डीएम भवानी सिंह खंगारौत के पास पहुंचे। डीएम ने नायब तहसीलदार से जांच कराई तो पता चला कि निगम की टीम ने लाइन खींचने में गलती की और किसानाें पर सरकारी बाधा में मुकदमा हो गया। अब किसानों पर दर्ज मुकदमे खारिज करने की तैयारी चल रही है।
बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग के कान्हड़ बिजलीघर से कंडेरा बिजलीघर के लिए लाइन खींची जा रही है। मौजिजाबाद नांगल गांव में किसान वेद सिंह, सतपाल, तेजपाल और सुखबीर सिंह के खेत से पिछले माह 30 मई को निगम के कर्मचारी लाइन खींचने के लिए गए थे। किसानों का कहना था कि लाइन दूसरे किसान के खेत से गई है। उनके पास सही सर्वे का नक्शा है। 31 मई को कर्मचारी फिर पहुंचे तो किसानों ने विरोध शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने दोघट थाने से पुलिस मौके पर बुला ली। काफी देर तक हंगामा होता रहा। अवर अभियंता प्रदीप कुमार ने किसान सुधीर और अंकित के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने दोनों किसानों को जेल भेज दिया। इस पर पीड़ित पक्ष ने डीएम भवानी सिंह खंगारौत से मुलाकात कर असलियत बताई। डीएम ने नायब तहसीलदार बड़ौत को जांच के लिए भेजा। जांच रिपोर्ट मिली तो किसानों की बात सच निकली। नायब तहसीलदार ने रिपोर्ट दी कि निगम गलत खेत से लाइन खींच रहा था। डीएम ने बताया कि एसओ दोघट को किसानों पर दर्ज मुकदमे में उदारता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।