बड़ौत, छपरौली। पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। छपराैली क्षेत्र के दस से अधिक गांवों में यमुना के पानी से जहां सैकैड़ों बीघे फसलों का कटान हो गया है। वहीं कई सौ बीघे में खड़ी फसलें जलमग्न हैं। शबगा गांव में ऊर्जा निगम की 12 खंभों की विद्युत लाइन यमुना में बह गई। यहां तक की मंदिर भी यमुना में गिर गया। इस कारण लोग परेशान है और प्रशासन से राहत के साथ-साथ बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा मांग रहे हैं।
बागपत में नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया कि कई गांवों के खेतों में इसका पानी घुस गया। टांडा, कुर्ड़ी, नांगल, छपरौली, बदरखा, ककौर, मांडी, शबगा और जागोस आदि सहित कई गांवों मेें जहां गन्ना, ज्वार सहित सब्जियों की सैकड़ों बीघा फसल कटान के चलते नदी में बह गई। वहीं अभी भी सैकड़ों बीघे फसल अभी भी जलमग्न हो गई। इसके अलावा शनिवार को शबगा गांव में ऊर्जा निगम की 12 खंभों की बिजली लाइन भी नदी में कटाव के चलते बह गई। इसके अलावा गांव के बाहरी हिस्से पर स्थापित मंदिर भी यमुना में गिर गया। इसका सोशल मीडिया पर भी लोगों ने वीडियो वायरल कर रखा है। उधर, प्रशासन की ओर से लोगों को यमुना नदी के किनारे नहीं आने की सलाह दी गई है। वहीं बाढ़ चौकियों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
वर्जन-
शबगा गांव के जंंगल में विभाग की कृषि पोषक विद्युत लाइन यमुना में बह गई। हालांकि यमुना का जल स्तर बढ़ता देख विद्युत लाइनों पर लगे तीन ट्रांसफार्मरों को पहले ही उतरवा लिया गया था, लेकिन अब भी विभाग का काफी नुकसान हुआ है। दुर्गेश कुमार जायसवाल एक्सईएन प्रथम।