बागपत। जिला संयुक्त चिकित्सालय में महिला अस्पताल को शुरू न करने को लेकर हाईकोर्ट ने महिला कल्याण निदेशक को तलब किया है।
करोड़ों की लागत से 100 बैड का महिला अस्पताल बनाया गया था, लेकिन इसे सही प्रकार से नहीं चलाया गया। कई बार शुभारंभ किया जा चुका है। लाखों की लागत से लगाए गए सोलर पैनल टूट चुके हैं। खिड़की और दरवाजे क्षतिग्रस्त कर दिए गए हैं। बंदरों का आशियाना बना हुआ है। आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट पवन तिवारी ने महिला अस्पताल संचालित न करने को लेकर जनहित याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने याचिका का संज्ञान लेते हुए महिला कल्याण निदेशक को पांच अप्रैल को तलब किया है।