दोघट (बागपत)। बामनौली गांव के किसानों ने चकबंदी प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लखनऊ में आमरण अनशन शुरू कर दिया। उनका कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वे अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
बामनौली गांव के किसानों ने मोबाइल पर बताया कि चकबंदी प्रक्रिया से नाराज 15 किसानों ने लखनऊ में धरना शुरू कर दिया है। इसमें किसान महेश पाल और राम रतन आमरण अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि गांव में हुई चकबंदी ने किसानों को बर्बाद कर दिया। किसानों के हवाई चक बना दिए। सैकड़ों किसानों की जमीन घट गई। कई किसान ऐसे हैं, जिन्हें जमीन ही नहीं मिली। गांव के दो किसान आत्महत्या भी कर चुके हैं। लखनऊ से चकबंदी की उच्च स्तरीय जांच हुई तो कई प्राधिकारी दोषी पाए गए। अधिकारियों ने चकबंदी में अनियमितताएं की। उनके खिलाफ आज तक भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब तब चकबंदी में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, किसान अनशन समाप्त नहीं करेंगे। इस मौके पर धीरज पाल, खिलारी, महेंद्र, बिरजा, हरबीर, ओमप्रकाश, सतपाल, ज्ञानेंद्र, चाहीराम आदि रहे।