फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूर्व बार अध्यक्ष सहित तीन ने किया सरेंडर

विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत।
विज्ञापन

बड़ौत में छह साल पहले गन्ना भुगतान के लिए हाईवे जाम करने के मामले में बड़ौत बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष समेत तीन लोगों ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। हालांकि बाद में उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई।
विज्ञापन

बड़ौत बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष वेदपाल पंवार एडवोकेट ने बताया कि बड़ौत तहसील में अप्रैल 2012 में किसानों ने गन्ना भुगतान के लिए मलकपुर मिल के खिलाफ 18 दिन तक धरना दिया। कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर किसानों ने तहसील गेट के सामने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे जाम किया। हाईवे जाम करने पर पुलिस ने 37 किसानों के नामजद व अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। छह साल बाद न्यायालय ने उनके गैर जमानती वारंट जारी किए। सोमवार को एडवोकेट वेदपाल पंवार, रवि शास्त्री निवासी शबगा, मास्टर संजीव तोमर निवासी जौनमाना ने सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। हालांकि बाद में उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई। इस मामले में गन्ना विकास समिति मलकपुर के चेयरमैन धूम सिंह सहित 11 किसान नेताओं ने 20 दिसंबर को सरेंडर किया। तीन किसान नेताओं की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि गन्ना भुगतान न मिलने से किसान आर्थिक तंगी झेल रहा है। मलकपुर चीनी मिल किसानों का करोड़ों रुपये दबाकर बैठी है। प्रशासन किसानों को गन्ना भुगतान नहीं दिला रहा है। किसानों के खिलाफ झूठे मुकदमे किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें