बागपत। सरकार अब कौन ज्यादा गेहूं का प्रयोग कर रहा है और कौन चावल इसका सर्वे कराया जा रहा है। जिलास्तर पर आपूर्ति विभाग के कर्मचारी लोगों से इस तरह के प्रश्न पूछ रहे हैं। नए आवेदन करने वाले लोगों से भी बातचीत में इसकी जानकारी जुटा रहे हैं, ताकि पता चल जाए की गेहूं या चावल में किसका लोग ज्यादा सेवन करते हैं। इसी आधार पर राशन का आवंटन होगा।
जिला ही नहीं, प्रदेश के अधिकांश जनपदों में राशन की कालाबाजारी जोरों पर है। अभी हाल ही में शासन ने राशन में धांधली पकड़ी है। जिला स्तर पर भी इसका खुलासा हुआ है। राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने नया कदम उठाया है। प्रदेश भर में राशन कार्ड धारकों के राशन के प्रयोग पर सर्वे कराया जा रहा है। जिला स्तर पर आपूर्ति विभाग के कर्मचारी लोगों से गेहूं और चावल के बारे में प्रश्न पूछ रहे। वहीं नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों लोगों से भी इस बारे में जानकारी ली जा रही है। जिला आपूर्ति दफ्तर में किसी भी कार्य के लिए अफसर और कर्मचारियों से मिलते है तो उनसे भी गेहूं और चावल का फीड बैक लिया जा रहा है। सरकार की मंशा है कि लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार राशन का आवंटन करना। ताकि राशन की काला बाजारी रूक जाए।
शासन के निर्देश कराया जा रहा है सर्वे
जिला आपूर्ति अधिकारी चमन शर्मा ने बताया कि कौन व्यक्ति गेहूं का इस्तेमाल ज्यादा कर रहा है या फिर चावल का इस बारे में शासन ने फीडबैक लिया है। जिलेभर में इसके लिए सर्वे भी कराया जा रहा है। उनसे राशन के संबंध में मिलने वाले लोगों से भी जानकारी ले रहे है। शासन की मंशा है कि जरूरत के अनुसार लोगों को गेहूं और चावल का आवंटन करना है। उनकी जरूरत के अनुसार ही सामान मुहैया कराया जाएगा। इस बारे में कार्य तेजी से चल रहा है।