बागपत। बिहार के बाद यूपी में बाल महिला एवं बाल संरक्षण गृह में देह व्यापार पकड़े जाने से सिस्टम सवालों के घेरे में हैं। शासन ने महिलाओं से संबंधित सामाजिक संस्थाओं की जांच और उनके रिकॉर्ड मांगे जाने शुरू कर दिए हैं। बाल, महिला एवं वृद्ध संरक्षण गृहों का पता लगाया जा रहा है। संगठनों में बालिकाओं को नौकरी और अन्य कार्य कराने की भी जांच होगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने कार्य शुरू कर दिया है।
प्रत्येक जिले में सामाजिक एवं महिला संगठनों की जांच करने के निर्देशित किया। जिला समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने सामाजिक संगठनों की फाइलों को तलब किया है। इसके बाद अपने अधीनस्थों को निर्देशित किया कि जिले में चलने वाले सामाजिक संगठन, प्रशिक्षण संस्थान, वृद्धाश्रम, महिला एवं बाल संरक्षण गृहों की जांच होगी। जितने भी सामाजिक संगठनों द्वारा महिलाओं का कार्य कराया जाता है उनके भी कार्यों की जांच होगी। दफ्तरों पर पहुंचकर महिला और लड़कियों को दिए जाने वाले काम के बारे में पूछा जाएगा। महिला एवं बाल गृहों में पहुंचकर बालिकाओं की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। वृद्धाश्रमों की भी जांच होगी। जिला समाज कल्याण अधिकारी विमल कुमार ढाका ने कहा कि ऐसे संगठनों की जांच कराई जाएगी जो महिलाओं को प्रशिक्षण देते हैं। इक्का-दुक्का जगह वृद्धाश्रम जरूर है, वहां भी सभी तथ्यों पर जांच कराई जाएगी। सामाजिक संगठनों की फाइलों को मंगवाया। उनके अवलोकन के बाद कार्य तेजी से शुरू कराया जाएगा।
दर्जनों संगठन देते है प्रशिक्षण
सिलाई, कढ़ाई एवं ब्यूटी पार्लर का कार्य सिखाने के लिए दर्जनों सामाजिक संगठन जिले में संचालित हैं। प्रत्येक माह गांवों में पहुंचकर प्रशिक्षण दिया जाता है। एक महिला संगठन पर अवैध वसूली तक का आरोप लगा हुआ है। जो लड़कियों को नौकरी लगवाने, संगठन का कार्यकर्ता बनाने के नाम पर वसूली का आरोप लग चुका है। ऐसे संगठन भी जांच के दायरे में आएंगे।