बड़ौत (बागपत)।
तहसील में तमाम मांगों को लेकर 22 दिनों तक किसानों का धरना चला। इस बीच एक किसान की शहादत भी हुई लेकिन सिवाय आश्वासन के उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिरकार किसानों को कैसे न्याय मिलेगा।
किसान संघर्ष समिति के तत्वावधान में एक समान दस हार्स पावर विद्युत भार कराने, गन्ने का भुगतान दिलाने, घरेलू बिजली दरों को कम कराने, नहरों की सफाई कराने की मांग को लेकर 22 दिनों तक किसानों का धरना तहसील में चला। बीच में एडीएम ने भी आश्वासन दिया, लेकिन वह भी पूरा नहीं हुआ। धरना स्थल पर एक किसान उदयवीर निवासी जिवाना-जिवानी ने भी दम तोड़ दिया, इसके बाद भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी। 11 जून को पंचायत में कोई सक्षम अधिकारी नहीं पहुंचा। इससे लगता है कि किसानों के दर्द को कोई सुनने वाला नहीं है।
जनपद के दो ब्लाक बड़ौत व बिनौली में साढे़ 12 हार्स पावर के बिल विद्युत विभाग द्वारा लागू की गई है, जबकि अन्य ब्लाकों में दस हार्स पावर के बिल लिए जा रहे हैं, ऐसे अन्याय इन दोनों ब्लाक के किसानों के साथ क्यों हो रहा है। यहां के किसानों कर दुख-दर्द सुनने वाला कोई नहीं है। यह स्थिति तब है जबकि क्षेत्र मेें केंद्रीय राज्यमंत्री व तीन-तीन विधायक सत्ता पक्ष के मौजूद हैं। 11 जून को संपन्न महापंचायत में 11 जुलाई तक का समय शासन को दिया गया है, अब देखना है कि इस बीच सरकार क्या कदम उठाती है। किसान संघर्ष समिति के चौधरी ब्रजपाल सिंह, रामफल, वेदपाल सिंह, विक्रम सिंह आर्य, बलजोर सिंह आचार्य ने कहा है कि उन्हें एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि दस हार्स पावर एक समान पावर से विद्युत दर शीघ्र लागू होगी।