बागपत। चांदीनगर थाना क्षेत्र के भागौट गांव में छह साल पूर्व हुई किसान ओमवीर की हत्या के मामले में तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। एडीजे द्वितीय विपिन कुमार ने फैसला सुनाया। आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता राजीव कुमार ने बताया कि भागौट गांव में दो जुलाई 2012 को ओमवीर पुत्र सूरजबली की फावड़े से काटकर हत्या कर दी गई थी। अजब सिंह पुत्र चरणी, कलवा पुत्र रतनलाल, पप्पू पुत्र रामजीलाल, ललित पुत्र अतर सिंह निवासी भागौट के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि ललित को क्लीन चिट दे दी थी। बाद में चांदीनगर थाना पुलिस ने अभियुक्त अजब सिंह, कलवा व पप्पू के खिलाफ धारा 302 में मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट, बागपत के न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। इस मामले में 19 फरवरी को तीनों अभियुक्त अजब सिंह, कलवा व पप्पू पर दोष सिद्ध हो गया था। मंगलवार को एडीजे द्वितीय विपिन कुमार ने तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए उन्हे 25-25 हजार रूपये का अर्थदंड से दंडित किया है।
दोष सिद्ध के दिन हो गए थे फरार
बागपत। कोर्ट ने तीनों आरेापियों पर दोष सिद्ध किया। इस बीच वह कचहरी के बाहर से फरार हो गए थे। तीनों के गैर जमानती वारंट जारी हुए। इसके बाद 22 फरवरी को अजब सिंह और पप्पू ने न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया था। पांच फरवरी को फरार कलवा भी सरेंडर कर जेल चला गया था। सजा के प्रश्न पर मंगलवार को सुनवाई हुई, जिसके बाद तीनों आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।