बागपत। बावली गांव के चर्चित डबल मर्डर में एक लाख के इनामी रहे कुख्यात अजीत उर्फ हप्पू के तीन साथियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि पांच लोगों को दोषमुक्त किया। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश स्पेशल एससी/एसटी रमेश चंद्र दिवाकर की कोर्ट में फैसला सुनाया। कुख्यात हप्पू व उसके पिता की पत्रावली पूर्व में ही पृथक कर दी। इसमें सुनवाई चल रही है।
एडीजीसी चश्मवीर सिंह एवं वादी के अधिवक्ता नवनीत चौहान ने बताया कि बावली गांव की पट्टी गोपी में 17 अगस्त 2015 को राज कुमार और जयवीर उर्फ टोनी अपने घेर में काम कर रहे थे। इसी दौरान अजीत उर्फ हप्पू ने अपने साथियों के साथ मिलकर दोनों भाइयों की हत्या की। जबकि पड़ोसी ब्रह्म सिंह गोली लगने से घायल हो गया था। इस मामले में मृतक के पिता सत्यपाल सिंह ने अजीत उर्फ हप्पू, शौवीर, रवि, विकास, प्रवेश, दीपक, पिंटू, संसार सिंह, महेंद्र सिंह को नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ बड़ौत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस जांच में विक्रांत निवासी छछरपुर, लोकेश निवासी सुल्तानपुर हटाना के नाम प्रकाश में आए ।
पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। अजीत उर्फ हप्पू और उसका पिता महेंद्र सिंह की पत्रावली पहले ही पृथक कर दी। आरोपी संसार सिंह दो साल पहले मौत हो चुकी है। यह मामला द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश स्पेशल एससी/एसटी रमेश चंद्र दिवाकर की कोर्ट में चल रहा है। अभियोजन पक्ष की तरफ से 18 गवाह पेश किए, जबकि एक गवाह पक्ष द्रोही हो गया। इस मामले में अभियुक्त दीपक, विकास, प्रवेश उर्फ हैप्पी पर दोष सिद्ध हुआ। तीनों को आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया, जबकि शौवीर, रवि, पिंटू, विक्रांत, लोकेश को दोषमुक्त कर दिया। अर्थदंड अदा न करने पर दो-दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। हप्पू और उसके पिता की पत्रावली पृथक होने के कारण दूसरी कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
यह था मामला
बागपत। बावली गांव में तीन साल पहले एक लाख के इनामी रहे अजीत उर्फ हप्पू के साथी दीपक के साथ मृतक राज कुमार और जयवीर उर्फ टोनी ने मारपीट की। इसी को लेकर हप्पू ने अपने साथियों के साथ मिकलर दोनों भाइयों को गोलियों से भून कर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना से गांव में दहशत फैल गई। लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए थे। बदमाश हथियार लहराते भाग निकले थे।
मृतकों के परिजनों ने छोड़ दिया था गांव
बागपत। मृतक सगे भाई राज कुमार और जयवीर उर्फ टोनी की हत्या के बाद परिवार ने गांव छोड़ दिया । मृतक का बड़ा भाई यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर पद पर तैनात है। गांव में उनके घर पर ताला लटका हुआ है।
फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद है हप्पू
बागपत। एक लाख के इनामी रहा कुख्यात अजीत उर्फ हप्पू वर्तमान समय में फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद है। मार्च 2018 में पुलिस ने उसे राजस्थान के देवली से गिरफ्तार किया। वह सीआरपीएफ कैंप के पास नाम बदलकर रह रहा था। उसने फरार के दौरान शादी कर ली। अब उसके जुड़वां बच्चे भी हैं।