बड़ौत (बागपत)। महासाध्वी वैभव श्री ने कहा कि सरल व स्वच्छ हृदय में ही धर्म ठहरता है। सरलता ही धर्म का द्वार है। रविवार को पट्टी चौधरान प्राचीन स्थानक मेें धर्मसभा में उन्होंने कहा कि व्यक्ति में सहजता, सरलता होनी चाहिए। सरल हृदय परमात्मा का मंदिर होता है, सरलता मन मेें लाना चाहिए, अहंकार पतन का कारण बनता है। अहंकार मनुष्य के बलवान शत्रुओं में एक है। इस अवसर पर सुरेंद्र जैन, हेमचंद जैन, बोबी जैन, संजय जैन, बाबूराम, नितिन जैन आदि शामिल रहे। ब्यूरो