बागपत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 मई को रालोद के गढ़ में होंगे। कई संयोग ऐसे हैं, जो बेहद महत्वपूर्ण बन गए हैं। केंद्र सरकार के चार साल 26 मई को पूरे होंगे और 27 मई को वह बागपत में लोगों के बीच उपलब्धियां रखेंगे। यही नहीं किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि 29 मई को है। किसानों को लुभाने के लिए चौधरी चरण सिंह के नाम पर क्या कोई बड़ी घोषणा होगी। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा बेहद खास है।
केंद्र की भाजपा सरकार 26 मई को चार साल पूरे करने जा रही है। 27 मई को जब बागपत में पीएम नरेंद्र मोदी जनसभा में लोगों के बीच होंगे, तो वह सरकार की उपलब्धियों को भी गिनाएंगे। यही वजह है कि वेस्ट यूपी के लिए लोकसभा चुनाव 2019 से पहले यह जनसभा खास है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का तोहफा देश को मिलेगा। 28 मई को कैराना और नूरपुर में उपचुनाव है। भाजपा ने भले ही यह कह दिया हो कि नौ जिलों के लिए कार्यक्रम हैं, लेकिन बागपत से सटे कैराना तक पीएम का संदेश लाजिमी जाएगा ही। गोरखपुर और फूलपुर में हार और कर्नाटक में बड़ी पार्टी बनने के बाद भी अब विपक्ष में बैठने के बाद कैराना के चुनाव में सरगर्मियां बढ़ गई है। एक वजह बड़े चौधरी यानि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि 29 को होना भी खास है। देखने वाली बात यह होगी कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बड़े चौधरी के नाम पर कोई बड़ा एलान करते हैं। इसकी संभावना साल 2019 के चुनाव भी है, क्योंकि साल 2014 और 2017 में वेस्ट यूपी की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हर भाषण में बड़े चौधरी का नाम लिया और उन्हें किसान मसीहा बताया था। बिजनौर में तो यह भी कहा था कि किसान हित में किए उनके कार्यों को करने का भाजपा सरकार भी प्रयास कर रही है। देखने वाली बात यह होगी कि वेस्ट यूपी के किसानों को लुभाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार क्या एलान करते हैं। बिजनौर में चौधरी चरण सिंह किसान कल्याण कोष बनाने का एलान किया था, लेकिन अभी तक वह घोषणा लटकी है। इसके अलावा बड़े चौधरी को भारत रत्न देने की मांग कई दशक से सिर्फ मांग बनकर रह गई है।