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पीपल का पेड़ काटने वालों पर होगी एफआईआर

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बड़ौत (बागपत)।
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अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित खबर पेड़ काटने को लेकर रठौड़ा गांव मेें तनाव से प्रशासनिक और वन विभाग के अफसर सक्रिय हो गए। इस मामले को गंभीरता से लेकर एसडीएम ने पीपल के पेड़ के कटान पर रोक लगा दी । साथ ही वन क्षेत्राधिकारी को निर्देशित किया है कि यदि कोई व्यक्ति पीपल का पेड़ काटेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएं।
रठौडा गांव मेें पीपल का पेड़ कटवाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। शुक्रवार की रात्रि में भी जब एक पक्ष ने पेड़ को काटने का प्रयास किया तो सूचना पर पहुंचे सुरेश पाल पक्ष के लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया था। शनिवार की सुबह भी सुरेश पाल पक्ष के लोगों ने वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय बड़ौत में प्रदर्शन कर पीपल का पेड़ न कटवाने की अपील की । सुरेश पाल पक्ष के लोगों ने कहा पीपल का पेड़ हिंदू धर्म का प्रतीक है। गांव की सैकड़ों महिलाएं व युवतियां प्रतिदिन पीपल के पेड़ की पूजा करती है। बताया कि पर्यावरण के लिए भी पीपल का पेड़ बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पीपल का पेड़ कार्बन डाई आक्साइड को सोखते हुए काफी मात्रा मेें आक्सीजन छोड़ता है। जिसका मनुष्य जीवन पर बहुत ही अच्छा प्रभाव पड़ा है, लेकिन गांव के ही कुछ व्यक्ति पीपल के पेड़ को कटवाने का प्रयास कर रहे हैं। पीड़ित पक्ष की इस समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो प्रशासनिक अफसरों में अफरा-तफरी मच गई।
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एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने मामले को गंभीरता से लेकर पूर्ण रूप से पेड़ कटान पर रोक लगा दी है। साथ वन क्षेत्राधिकारी राजपाल को निर्देशित किया है कि यदि कोई आदेश के बाद भी पेड़ काटने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। एसडीएम ने कहा पीपल के पेड़ कटाने पर रोक लगा दी है। वन क्षेत्राधिकारी राजपाल ने बताया कि उन्हें एसडीएम ने निर्देशित किया है। यदि इसके बावजूद कोई पेड़ काटने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी जाएगी। उधर, पेड़ कटाने पर रोक लगाने पर सुरेश पाल पक्ष के लोगों ने अमर उजाला का आभार व्यक्त किया।
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