बड़ौत (बागपत)।
दिल्ली-सहारनपुर हाइवे को बड़ौत-मुजफ्फरनगर से जोड़ने वाला लिंक रोड पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुका है। आलम यह है कि इस मार्ग पर चलने वाले टैंपो चालक भी अब सवारियों के नहीं मिलने पर परेशान हैं। इससे टैंपो चालकों के सामने रोजी-रोटी का भी खतरा मंडरा रहा है।
इस मार्ग पर टैंपो संचालित करने वाले एजेंट अरुण तोमर ने बताया कि जब इस मार्ग की हालत ठीक थी तो उस समय धड़ल्ले से सवारियों मिल जाती थी, लेकिन जब से यह लिंक रोड क्षतिग्रस्त होकर गड्ढों में तब्दील हुआ है, सवारियों की संख्या घटने के साथ-साथ टैंपो चालकों की संख्या भी घटने लगी है। टैंपो चालक पवन कुमार ने बताया कि शहर के बाहर दिल्ली-सहारनपुर हाइवे को बड़ौत-बुढ़ाना मार्ग से जोड़ने वाले यह मुख्य लिंक रोड हैं। इस मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, लेकिन जब से यह मार्ग गड्ढों में तब्दील हुआ है बड़े वाहनों को छोड़कर अन्य वाहनों ने यहां से गुजरना बंद कर दिया है। यहां पर आसानी से सवारियों मिल जाती थी, लेकिन अब उनका भी अकाल हो गया है। टैंपो चालक पिंटू ने बताया कि जिस समय मार्ग की हालत ठीक थी, दिन में कई बार सवारियों को लाना ले जाना मिल जाता था, लेकिन अब मार्ग पर गड्ढे होने के कारण न तो सवारियों मिल रही है। जो सवारियां इस मार्ग से गुजरती है, उन्हें धूल और गड्ढों से जूझना पड़ता है। कई बार टैंपो भी बीच में खराब हो जाता है तो सवारी उतारनी पड़ जाती हैं। इससे नुकसान होता है। टैंपो चालक कविंद्र ने बताया कि कई बार टैंपो चालक विभागीय अफसरों से मार्ग निर्माण को लेकर मिल चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मार्ग की हालत खराब होने के कारण अब सवारियों ने भी इधर से आना-जाना बंद कर दिया है। सड़क का निर्माण नहीं होने के कारण लोगों में सरकार और स्थानीय अधिकारियों में गुस्सा पनप रहा है।