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दलित किसान की हत्या में तीन को 10-10 साल की सजा

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बागपत। अपर सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी) रमेश चंद ने छपरौली के यमुना खादर में फसलों की रख वाली कर रहे किसान की गैर इरादतन हत्या के मामले में तीन आरोपियों को सजा सुनाई। दो आरोपियों को एससी/एसटी एक्ट में तीन साल की सजा सुनाई ।
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शासकीय अधिवक्ता सुनील पंवार ने बताया कि छपरौली के बदरखा गांव के यमुना खादर में पालेज की रखवाली के लिए सो रहे किसान की पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था, बाद में किसान की मौत हो गई । किसान के बेटे अजीत कुमार ने 21 मई 2010 को छपरौली थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस विवेचना में गांव के ही वीरेंद्र, सतेेंद्र और जयकुमार के नाम सामने आए। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी) रमेश चंद ने की। उन्होंने तीनों आरोपियों पर दोष सिद्ध किया। शनिवार को फैसला सुनाया । कोर्ट ने आरोपी वीरेंद्र और सतेंद्र को धारा 304 के अलावा एससी/एसटी में दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। तीसरे अभियुक्त जय कुमार को धारा 304 में दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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