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गुड़हल के फूल से की कात्यायनी की पूजा

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बागपत। शारदीय नवरात्र में मां भगवती के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की । मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। घरों में स्थापित मां के विभिन्न रूपों की पूजा की। शहर में स्थापित माता की चौकी पर देवी की आराधना की गई। व्रत रखे और भजन कीर्तन का आयोजन किया।
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मंगलवार को नवरात्र के छठे दिन देवी मंडपों में मां भगवती के छठे स्वरूप कात्यायनी की पूजा की । मंदिरों में श्रद्धालुओं को मां कात्यायनी की कथा सुनाई । गुड़हल के फूल, सेब और पंच मेवा से मां की पूजा की । बाबा जानकी दास मंदिर के ज्योतिषाचार्य राज कुमार शास्त्री ने बताया देवी का यह रूप चार भुजा धारी है। एक हाथ में तलवार, दूसरे में पुष्प और अन्य हाथ वर मुद्रा और अभय मुद्रा में है। माता को शहद पसंद है। जिनके विवाह में संकट है, उन्हें मां कात्यायनी की पूजा करनी चाहिए, निसंदेह संकट दूर होंगे। भवसागर के दु:खों से छुटकारा पाने के लिए मां की आराधना करनी चाहिए। मंदिर में दिव्य आरती हुई। प्रसाद बांटा। इसमें शिवम, दीपक, सुनील जोशी, सुमन, कौशल, आरती, राजरानी, दुर्गावती, सुभाष, गुलशन, राजेश गौतम, मनीष, दीपक मिश्रा, संजय शर्मा मौजूद रहे।
पुरानी तहसील मोहल्ले में माता की चौकी पर स्कंद माता की पूजा की। इस दौरान माता का गुणगान किया। मनमोहक झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान देवेंद्र शर्मा, मिट्ठन लाल वर्मा, उपेंद्र शर्मा, राजीव, दिनेश, रामू, राजीव, बाकेलाल, पप्पू, मनीष मौजूद रहे। शहर के बागेश्वर महादेव मंदिर, हनुमान मंदिर, पक्का घाट, शालिगराम, शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने भजन कीर्तन कर मां का गुणगान किया।
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