बागपत। आर्य समाज मंदिर निरपुड़ा में 73वां वार्षिकोत्सव शुरू हुआ। महोत्सव में तीन दिन तक यज्ञ होगा। पहले दिन आर्यजनों ने यज्ञ में आहुतियां डाली।
आर्य समाज की प्रधान सविता आर्य ने कहा कि समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने पर ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण होता है। आर्य समाज फैली कुरीतियों को दूर करने का कार्य कर रहा है। जब तक समाज में फैली कुरीतियां दूर नहीं होगी, तब तक समाज व राष्ट्र उन्नति की और नहीं बढ़ेगा। मनुष्य को अपने अंदर के विकारों को दूर करना होगा। मनुष्य जैसी संगत में रहेगा उस पर वैसा ही प्रभाव बनता जाएगा। उन्होंने कहा कि जीवन को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए उत्तम विचारों के साथ-साथ सात्विक भोजन भी जरूरी है। यज्ञ के ब्रह्मा राजवीर सिंह शास्त्री ने कहा यज्ञ संसार का सर्वश्रेष्ठ कर्म है। यज्ञ करने से वातावरण शुद्ध होत है। यज्ञ से मानव जीवन ही नहीं समस्त प्राणी, पेड़-पौधों का जीवन भी स्वस्थ होता है। यज्ञमान विनोद सपत्नी रहे। इसमें डॉ. भोपाल सिंह, ललिता सहारनपुर, भजनोपदेशक सहदेव सिंह बेधड़क आदि विचार व्यक्त किए। इसमेें वीरेंद्र सिंह, बिल्लू, पप्पू राणा, वेद भरत, मास्टर हरबीर सिंह, मास्टर रामकुमार, कुलदीप राणा, प्रमोद धनौरा आदि रहे।