बागपत। खेकड़ा तहसील क्षेत्र में डीबीटी (डायरेक्टर बेनिफिट ट्रांसफर) योजना अधर में लटक गई है। अभी भी सैकड़ों कार्ड धारकों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हुए है। शासन से योजना को चालू करने के कोई भी आदेश न मिलने के कारण जिला प्रशासन ने भी इसमें ढील छोड़ दी है। पूर्व की तरह ही राशन वितरण हो रहा है।
जिले की खेकड़ा तहसील के ग्रामीण क्षेत्र का पायलट प्रोजेक्ट योजना के तहत डीबीटी (डायरेक्टर बेनिफिट ट्रांसफर) करीब डेढ़ वर्ष पूर्व चयन हुआ था। शुरूआती दिनों में जिला आपूर्ति विभाग ने कार्य तेजी के साथ शुरू कराया । आधार लिंक की समस्या ने कार्य में ब्रेक लगा दिया तो विभाग ने जैसे-तैसे करके लोगों के आधार कार्ड बनवाएं। उसके बाद खातों को आधार से लिंक करवाने की अभियान चलाया। जिला आपूर्ति विभाग के अनुसार क्षेत्र में करीब 24 हजार कार्ड धारक हैं, जिनको योजना से जोड़ना था। इनमें से अधिकांश महिला मुखिया के बैंक खाते नहीं मिले, और जो मिले भी वह चालू नहीं थे। विभागीय अधिकारियों ने खातों में ट्रांजेक्शन कराया। अब करीब छह से सात सौ के करीब ऐसे उपभोक्ता है, जिनके खाते बैंक से लिंक नहीं हो रहे हैं। सभी क्षेत्रीय खाद्य आपूर्ति अधिकारियों को लिंक कराने के लिए आदेशित किया। जिला आपूर्ति अधिकारी चमन शर्मा ने बताया कि उनका डीबीटी का कार्य लगभग पूरा है। शासन से जैसे भी आदेश होगा, उसके अनुसार कार्य करेंगे। छह-सात सौ कार्ड धारक के खाते बैंक से लिंक हुए बिना रह गए है, इन्हें जल्द पूरा करा लिया जाएगा।
दोबारा से कराई जाएगी बैंक खातों की जांच
बागपत। जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि डीबीटी (डायरेक्टर बेनिफिट ट्रांसफर) में एक समस्या ओर उत्पन्न हो जाएगी। दोबारा से ऐसे खातों की जांच कराई जाएगी, जो क्रियाशील नहीं है। फिर से उन सभी कार्ड धारक को सुचारु कराया जाएगा। अभी तक छह-सात सौ कार्ड धारक हैं, जांच में संख्या और भी बढ़ सकती है।
इस तरह मिलना था लाभ
बागपत। डीबीटी योजना के लागू होने से खेकड़ा ग्रामीण क्षेत्र के करीब 24 हजार कार्ड धारकों को वर्तमान दर पर गेहूं, चावल, मिट्टी का तेल की धनराशि उनके खाते में पहुंचाई जाएगी। परिवार में जितनी भी यूनिट होती उसके हिसाब से धनराशि ट्रांसफर होती है। इससे कार्ड धारक को कोटेदारों की दुकानों पर लाइन में लगने के झंझट से छुटकारा मिलेगा।
एक केंद्रीय मंत्री ने कहा डीबीटी उपभोक्ता के हित में नहीं
बागपत। डीसीओ चमन शर्मा ने बताया कि एक केंद्रीय मंत्री ने अपने एक बयान में कहा है कि डीबीटी योजना कार्डधारक के हित में नहीं रहेगी। कार्ड धारक के खाते में धनराशि जाते ही परिवार के लिए खाद्यान्न खरीदने में बाधा आ जाएगी। जो व्यवस्था चल रही है यह उपभोक्ता के हित में है।