बड़ौत (बागपत)। फूंस वाली मस्जिद के शहर इमाम मौलाना आरिफ उल हक ने कहा कि रुबेला को जरमन खड़का का नाम भी दिया जाता है। इसे लेकर डर की दीवार खड़ी कर दी गई है। लेकिन इससे डरो मत।
रविवार को फूस वाली मस्जिद में बैठक में उन्होंने कहा कि रुबेला कोई अनजान टीका नहीं है। बल्कि ये भारत सरकार द्वारा कईं प्रयोग के बाद आपके बच्चों की सुरक्षा की गारंटी है। यह रुबेला वायरस से पैदा होता है, जिसका असर सांस की नली, नाक और फेफड़ों पर होता है। इस बीमारी का चेहरे पर भी असर दिखने लगता है। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर से जनपद में 9 माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को टीका लगाया जाएगा। जिले में भी इसके बहुत से मरीज के शिकार हो चुके हैं और रुबेला का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। इसकी रोकथाम के लिए ज्यादा से ज्यादा टीकाकरण की आवश्यकता है। शहर इमाम ने सरकारी डाक्टरों के साथ भी बैठक की और बाद में तहसील के उलेमा और इमामों के साथ मिलकर जगह-जगह टीकाकरण कराने की बात कही। इस अवसर पर मोहम्मद इलियाज, नदीम, लियाकत, इरफान मलिक, सुभाष, दिलशाद, अख्तर, इमरान आदि रहे।