बागपत। मैलाना याकूब ने कहा कि मस्जिद तक आने का हर कदम लिखा जाता है। हुजूर ने फरमाया कि जो शख्स घर से वजू करके महज नमाज की नीयत से मस्जिद में जाए तो उसके हर कदम पर एक नेकी का इजाफा और एक खता माफ होती है।
उन्होंने कहा कि हुजूर ने एक और फजीजल की तरफ इशारा फरमाते है कि जब नमाज पढ़ चुका तो उसके बाद जब तक मुसल्ले पर रहे फरिश्ते मग्फिरत की दुआ करते रहते है। जो मोमिन अच्छी तरह वुजू करके फिर मस्जिद में नमाज के लिए जाए और वहां पहुंच कर मालूम हो कि जमाअत हो चुकी है तो भी उसको जमाअत की नमाज का सवाब मिलेगा। अल्लाह का किस कदर इनाम व अहसान है कि महज कोशिशों पर ही जमाअत का रूबाब मिल जाए। याकूब ने कहा कि रमजान मुबारक माह में जमात से नमाज पढ़ने का और भी ज्यादा रूबाब होता है। इस लिए रमाजन मुबारक माह में नमाज जमात के साथ पढ़नी चाहिए। पांचों वक्त नमाज और तरबीहे पढ़ने से अल्लाह हमारे गुनाहों की माफ करवा देते हैं।