बागपत। बदलते खानपान के कारण जिले में हार्ट के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टर शारीरिक मेहनत न करना, तनाव और नॉन वेज फूड को भी एक वजह बता रहे हैं। संयुक्त चिकित्सालय के फिजिशियन कॉर्डोलॉजिस्ट डॉ. राजेश कुमार का कहना है कि सरकारी अस्पताल में रोज 200 मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन इनमें करीब 50 मरीज ऐसे हैं, जिनकी समस्या गंभीर होती है।
जिला अस्पताल में चार माह में करीब 12 हजार लोगों दिल से जुड़ी बीमारी का इलाज करा चुके हैं। कॉर्डोलॉजिस्ट डॉ. राजेश कुमार ने इसकी पुष्टि की है। उनका कहना है कि करीब 200 मरीज रोज पहुंचते हैं। मरीजों की संख्या बढ़ रही है। तनाव और शारीरिक मेहनत न करना, इस रोग की सबसे प्रमुख वजह है। उन्होंने कहा कि इस रोग से जिला अस्पताल में ही उपचार किया जा रहा है। उनका दावा है कि दिल की बीमारी को दवा से दूर किया जा सकता है। उनका कहना है कि स्टंट नहीं डलवाना चाहिए, इससे शरीर को नुकसान होता है।
नॉन वेज फूड से बढ़ता है कोलेस्ट्राल
कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजेश कुमार ने नॉन वेज का सेवन करने से कोलेस्ट्राल बढ़ता है। जिससे हार्ट को नुकसान होता है। यह ही वजह है कि हार्ट के रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
ये हैं शुरूआती लक्षण
बागपत। दिल का दौरा पड़ने के दौरान आमतौर पर लक्षण आधे घंटे तक रहते हैं। शुरुआत मामूली से गंभीर दर्द तक पहुंच सकती है। हार्ट अटैक में फौरन इलाज बेहद जरूरी है। इलाज जितनी जल्दी होगा, मरीज के पूरी तरह ठीक होने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी।
दर्द महसूस हो तो कराएं उपचार
बागपत। दिल की बीमारी के लक्षण को समझकर तुरंत उपचार जरूरी है। सीने, बाहा, कुहनी या छाती की हड्डियों में असहजता, दबाव, भारीपन या दर्द का अहसास होना खतरनाक है। पेट भरा होने, अपच होना भी लक्षण है। पसीना, उल्टी, मितली या कमजोरी महसूस होना। बहुत ज्यादा कमजोरी, घबराहट या सांस का रुक-रुककर आना। दिल की धड़कन का तेज या अनियमित होना गंभीर लक्षण है।