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बागपत समिति के चेयरमैन की मुश्किलें बढ़ी

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बागपत। गन्ना समिति बागपत के 15 तौल केंद्रों के परिवर्तन को लेकर 23 अक्तूबर को हुए हंगामे में समिति अध्यक्ष और दो डायरेक्टर पर कार्रवाई की तैयारी है। चेयरमैन का कहना है कि अभी उन्हें लिखित में किसी तरह का आदेश नहीं मिला है। वह किसानों की आवाज उठाते रहेंगे।
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समिति परिसर में 23 अक्तूबर को हंगामे के बीच बागपत विधायक योगेश धामा और समिति चेयरमैन कृष्णपाल सिंह ने डीसीओ पर आरोप लगाए थे। विधायक ने डीसीओ का मोबाइल छीनकर अपने प्रतिनिधि को दे दिया था। यही नहीं सपा का एजेंट बताते हुए यहां तक कह दिया कि अगर बागपत में रहना है तो तौल केंद्रों की यथा स्थिति करनी होगी। नहीं तो चाहे मंत्री ही क्यों न आए जाएं बागपत में नहीं रहने दिया जाएगा। बागपत में सिर्फ उनकी चलती है। समिति चेयरमैन ने भी डीसीओ को खूब खरी-खोटी सुनाई थी। गन्ना समिति के चेयरमैन कृष्णपाल ने डीएम के सामने कहा कि तौल केंद्रों की यथा स्थिति नहीं हुई तो विधायक और नाराज किसान अपना असली रूप दिखा देंगे। सड़कों पर उतर आएंगे। इस प्रकरण में गन्ना आयुक्त ने कार्रवाई की तैयारी कर ली है। दिनभर चेयरमैन और दो डायरेक्टर के बर्खास्त होने की चर्चा रही, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई। चेयरमैन का कहना है कि उन्हेें इस तरह की कोई जानकारी नहीं है।

चेयरमैन ने सुनीं किसानों की समस्याएं
बागपत। बर्खास्तगी की चर्चा के बीच समिति चेयरमैन कृष्णपाल सिंह दफ्तर पहुंचे और किसानों की समस्याएं सुनी। सुन्हैडा के किसानों ने गन्ना खरीद कम होने की शिकायत की। मिल अधिकारियों से बातचीत कर समस्या का समाधान कराया। सिसाना और पाली के किसानों की समस्या भी सुनी। इस दौरान जयदेव, राजवी, रामनिवास, प्रवीण प्रधान, सुधीर प्रमुख, कुलदीप कुमार, मनोज डायरेक्टर, श्रीपाल डायरेक्टर, ओमपाल डायरेक्टर मौजूद रहे।
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अभद्रता करने वाले चेयरमैन और डायरेक्टरों पर होगी कार्रवाई
मेरठ। अधिकारियों के साथ अभद्रता करने वाले गन्ना समिति के प्रतिनिधियों पर गन्ना आयुक्त ने शिकंजा कस दिया है। जांच रिपोर्ट में दोषी पाए गए बागपत गन्ना समिति के चेयरमैन कृष्णपाल, डायरेक्टर ओमपाल, श्रीपाल और गन्ना समिति मवाना के डायरेक्टर रघुराज के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए है। बताया गया कि चेयरमैन कृष्णपाल और डायरेक्टर ओमपाल व श्रीपाल ने जिलाधिकारी बागपत के साथ अभद्रता और धक्कामुक्की की थी। वहीं मवाना समिति के डायरेक्टर रघुराज पर ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अनिल बाबू के साथ अभद्रता करने का आरोप है। गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने इन सभी के खिलाफ समिति की प्रतिमान उपविधियों के विरुद्ध आचरण एवं व्यवहार करने के दोष में उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम 1965 के अंतर्गत धारा-27 की कार्रवाई की जाएगी।
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