बड़ौत (बागपत)।
जैन संत विराग सागर महाराज ने कहा कि व्यक्ति के माता-पिता ही उसकी कुलदेवी व कुलदेवता है। वे दिगंबर जैन समाज समिति के तत्वावधान व अजितनाथ मंदिर कमेटी के सौजन्य से विहर्ष सभागार में आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि मनुष्य आज अच्छी से अच्छी जिंदगी जीना चाहता है, लेकिन कभी अपने मरने के बारे में नहीं सोचता। बस अपने सुख की खोज में इधर-उधर भटकता रहता है। वह अपने जीवन को यूं ही व्यतीत कर देता है। जैसे यह 2017 वर्ष बीत गया, लेकिन अब हमें यह सोचना है कि जैसे 2017 का वर्ष छूट रहा है, उसी प्रकार हमारे अंदर की बुराइयां व कुसंस्कारों को छोड़कर आने वाले वर्ष 2018 में अच्छे संस्कार ग्रहण करें। अच्छे कार्यों व अच्छी भावनाओं के साथ नव वर्ष की शुरूआत करें। इस मौके पर उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक व बड़ौत विधायक केपी मलिक ने आचार्य के चरणों में श्रीफल समर्पित कर उनका आशीर्वाद ग्रहण किया।
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आज व्यक्ति कुसंस्कारों की ओर अग्रसर होकर धर्म को भूलता जा रहा है, लेकिन आचार्य जैसे संतों का ही प्रभाव है कि वे हमें कुसंस्कारों से छुड़ा कर सुसंस्कारों की ओर अग्रसर करते है। विधायक केपी मलिक ने भी बड़ौत आगमन पर आचार्य का आभार व्यक्त किया और चातुर्मास प्रवास के लिए आग्रह किया। अजितनाथ मंदिर कमेटी, विमर्श जागृति मंच, वीर हर्ष ग्रुप, दिगंबर जैन समाज समिति, पार्श्वनाथ मंदिर कमेटी, स्याद्वाद संगीत मंडल आदि ने आचार्य संघ के चरणों में श्रीफल समर्पित किया। सभा में मुनि विहर्ष सागर महाराज, ऐलाचार्य प्रभावना भूषण ने भी विचार व्यक्त किया। संचालन वरदान जैन ने किया। इसमें मदन लाल जैन, प्रमोद जैन, प्रवीन जैन, अतुल जैन, अंकुर जैन, सुभाष जैन, श्रवण जैन, अशोक जैन, बाल किशन जैन, राकेश सभासद, सुरेंद्र जैन, अनुज जैन, महेंद्र जैन, प्रदीप जैन आदि उपस्थित रहे।
गुरु भक्ति के हुए कार्यक्रम
बड़ौत। रात में छह बजे गुरु भक्ति हुई। उसके बाद दिल्ली, मुंबई के कलाकारों ने नव वर्ष पर विशेष कार्यक्रम एक शाम गुरु विराग सागर के नाम प्रस्तुत किया, जिसमें भवन व नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी गई। रात में ठीक 12 बजे नववर्ष 2017 के अवसर पर आचार्य विराग सागर महाराज ने सभी को आशीर्वाद प्रदान किया। आचार्य संघ दो जनवरी को हस्तिनापुर की ओर विहार करेंगे।